शोभापुर। ग्राम शोभापुर में बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। आए दिन धरना, प्रदर्शन और आवेदन देना अब यहां आम बात हो गई है, क्योंकि ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेता।
गांववासियों ने बताया कि बिजली खंभों पर लगे तार कई जगहों से टूटकर लटक रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसकी जानकारी कई बार विभाग को दी गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जब हजारों लोग चक्काजाम करने पर भी विभाग नहीं जागा, तो क्या एक आवेदन से स्थिति सुधरेगी। मजबूरी में लोग खुद ही जान जोखिम में डालकर तारों और कनेक्शन को ठीक करने का काम करने लगे हैं।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि यहां पदस्थ अधिकारी मालवीय न तो किसी का फोन रिसीव करते हैं और न ही समस्या सुनते हैं। ऐसे अधिकारी का उस स्थान पर होना उचित नहीं माना जा रहा जहां से 50 से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस लापरवाही पर कार्रवाई करेगा या फिर ग्रामीण ही अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली विभाग का काम करते रहेंगे। अगर कोई बड़ी दुर्घटना घटती है तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
