नयी दिल्ली, 14 अगस्त (वार्ता) क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने आर्थिक मजबूत और सतत वित्तीय अनुशासन के मद्देनजर भारत की रेटिंग ‘बीबीबी माइनस’ से बदलकर ‘बीबीबी’ कर दी है।
एसएंडपी ग्लोबल ने गुरुवार को बताया कि उसने भारत का परिदृश्य भी ‘नकारात्मक’ की जगह ‘स्थिर’ कर दिया है।
एजेंसी ने कहा कि भारत वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दे रहा है जो बुनियादी ढाँचे में निवेश के साथ आम लोगों को उनकी सीमा के भीतर वित्त उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता दिखाता है। उसने उम्मीद जतायी कि अगले दो-तीन साल में अर्थव्यवस्था के बुनियादी कारक मजबूत बने रहेंगे जिससे विकास को गति मिलेगी। साथ ही, मौजूदा मौद्रिक नीतियों के कारण मुद्रास्फीति प्रबंधन सही दिशा में जा रही है।
एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि इन्हीं कारकों की वजह से उसने भारत की दीर्घावधि रेटिंग ‘बीबीबी माइनस’ से बढाकर ‘बीबीबी’ और आउटलुक स्टेबल कर दिया गया है। इसके अलावा, अल्पकालिक रेटिंग ‘ए-2’ से बढ़ाकर ए-3 कर दी गयी है। हालाँकि स्थानांतरण एवं परिवर्तनीयता आँकलन ‘ए माइनस’ से घटाकर ‘बीबीबी प्लस’ कर दिया गया है।
एजेंसी का कहना है कि सतत नीतिगत स्थिरता और बुनियादी ढाँचे पर भविष्य के लिए परिदृश्य स्थिर है जो देश की दीर्घावधि विकास यात्रा में सहायक होगा। उसने कहा कि अगले दो साल में नीतिगत और मौद्रिक उपायों से सरकार पर ऋण का बोझ कम होगा जिसे रेटिंग में और सुधार आयेगा। साथ ही उसने चेतावनी दी कि राजनीतिक प्रतिबद्धता कम होने पर वह रेटिंग घटा सकती है और यदि रोजकोषीय घाटा कम होता है तो वह रेटिंग बढ़ा भी सकती है।
उसने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और साल 2022 से 24 तक उसकी औसत विकास दर 8.8 प्रतिशत रही।
एसएंडपी ग्लोबर ने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाये गये अतिरिक्त आयात शुल्क का भारत पर कम प्रभाव पड़ेगा क्योंकि हमारे व्यापार का 60 प्रतिशत घरेलू उपभोग से प्रेरित है।

