
इंदौर. चंदननगर इलाके में राखी के दिन हुई अर्जुन यादव की हत्या को 30 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है. न तो हत्यारों का सुराग मिला है और न ही हत्या की वजह सामने आई है.
35 वर्षीय अर्जुन पिता रामसिंह यादव नावदापंथ स्थित एक नमकीन फैक्ट्री में तीन साल से काम करता था. राखी के दिन दोपहर में वह बड़े भाई की बेटी से राखी बंधवाने के बाद शाम को फैक्ट्री गया था. देर रात ईंट भट्टे के पास उसका शव मिला. शरीर पर 18 से 20 चाकू के गहरे घाव थे, जो हत्या की बेरहमी को दर्शाते हैं. पुलिस ने अर्जुन के परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की कि कहीं उसकी किसी से रंजिश या विवाद तो नहीं था, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पुलिस टीम संदिग्धों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या में एक से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका है और जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा.
