
नई दिल्ली, 09 अगस्त (वार्ता): हाल ही में अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए 50% टैरिफ से देश की अर्थव्यवस्था पर संभावित असर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये शुल्क लंबे समय तक जारी रहते हैं, तो इसका सीधा असर भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर पर पड़ सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन शुल्कों के कारण GDP ग्रोथ में 0.4% से 0.8% तक की गिरावट आ सकती है, जो कि $23 अरब के बराबर हो सकता है।
मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सभी भारतीय निर्यात पर 50% का टैरिफ लगाया जाता है, तो इसका सीधा असर GDP ग्रोथ पर 60 आधार अंक (bps) तक हो सकता है। वहीं, अगर 67% गैर-छूट वाले सामानों पर यह शुल्क लगाया जाता है, तो सीधा और अप्रत्यक्ष असर मिलाकर कुल 80 आधार अंक तक हो सकता है। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स (Bloomberg Economics) के अनुसार, ये टैरिफ भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात में 60% तक की कमी ला सकते हैं, जिससे GDP ग्रोथ में 1% तक की गिरावट संभव है। इन शुल्कों का सबसे ज्यादा असर उन क्षेत्रों पर पड़ेगा जो श्रम-प्रधान हैं, जैसे कपड़ा, रत्न और आभूषण।
