भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुखद, समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण बिना किसी भेदभाव के खुले दृष्टिकोण के साथ किया जाएगा। बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पक्ष-विपक्ष और नागरिकों के सुझावों को साथ लेकर प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत–2047 के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने आठ प्रमुख विषयों पर आधारित दृष्टि-पत्र तैयार किया है, जिसमें 300 बिंदु शामिल हैं। इनमें औद्योगिक विकास, उन्नत कृषि, सेवा क्षेत्र, शिक्षा-कौशल, स्वास्थ्य-पोषण, शहरी-ग्रामीण आधारभूत ढांचा, सुशासन और नवीन निवेश प्रमुख हैं।
डॉ. यादव ने अपने संबोधन में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कृषि, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, सड़क निर्माण, वन्यप्राणी संरक्षण और नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर को उद्योग वर्ष के समापन पर 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन होगा।
मुख्यमंत्री ने इंदौर मेट्रो के शुभारंभ, भोपाल मेट्रो के शीघ्र संचालन, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, चीता कॉरिडोर, गौ-संरक्षण, जनजातीय गौरव और सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण की पहल को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। साथ ही उन्होंने विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा सभी के प्रयासों का परिणाम है।
