
(विक्रम सेन)आलीराजपुर। जिले में विश्व आदिवासी दिवस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सांस्कृतिक एवं सामाजिक जयस संगठन के नेतृत्व में इस बार सोंडवा क्षेत्र के मथवाड़ और आसपास के डूब व पहाड़ी गांवों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। रानी काजल माता की पावन छांव और 14वीं-15वीं शताब्दी के आदिवासी राजा माथिया भील की कर्मभूमि मथवाड़ में 9 अगस्त 2025, शनिवार को भव्य आयोजन होगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बैठक में तय किया गया कि कार्यक्रम में डीजे का उपयोग नहीं होगा, बल्कि सभी लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल, मांदल, बांसुरी, पीहा और पावली के साथ शामिल होंगे। उद्देश्य है सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण और संवर्धन।
कार्यक्रम में जनसभा के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, एकता और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। समाज के गणमान्य व्यक्तियों का आशीर्वचन, लोकनृत्य-गीत और पारंपरिक वाद्यों के साथ सांस्कृतिक रैली आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
आयोजक मंडल ने सभी ग्रामीणों को परिवार सहित आने का निमंत्रण दिया है, ताकि जुड़ें अपनी जड़ों से संस्कृति को संवारें और समाज को एकजुट करें” संदेश को सार्थक बनाया जा सके। मौके पर “गर्व से कहो हम आदिवासी हैं और संस्कृति हमारी पहचान, एकता हमारी जान” जैसे नारे गूंजेंगे, जो परंपरा, एकता और गौरव की मिसाल पेश करेंगे।
