इंदौर: नए साल की शुरुआत जहां अधिकतर लोग जश्न और मौज-मस्ती में करते हैं, वहीं इंदौर में एक माँ–बेटे ने इसे समाज सेवा और सड़क सुरक्षा के संकल्प के साथ शुरू कर मिसाल कायम की. एक बच्चे की जिज्ञासा ने न सिर्फ उसकी सोच को दिशा दी, बल्कि आसपास मौजूद लोगों को भी यातायात अनुशासन का संदेश दे गया.
समाज सेविका डॉ. भाग्यश्री खखड़िया के सात वर्षीय पुत्र राजवीर सिंह खखड़िया ने अपनी माँ से सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर सवाल किए.
बेटे की इस जिज्ञासा को केवल बातचीत तक सीमित न रखते हुए डॉ. भाग्यश्री ने उसे व्यवहारिक रूप दिया और न्यू ईयर के दिन इंदौर ट्रैफिक पुलिस के ट्रैफिक प्रहरी अभियान से जुड़कर पलासिया चौराहे पर सेवा की. इस दौरान इंदौर ट्रैफिक पुलिस के एजुकेशन विंग की टीम और ट्रैफिक प्रहरी ने नन्हे राजवीर को यातायात नियमों, सिग्नल सिस्टम, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व की जानकारी दी.
बच्चे की समझ, उत्सुकता और जागरूकता से प्रभावित होकर ट्रैफिक पुलिस ने उसकी सराहना की और प्रोत्साहन स्वरूप उपहार भी भेंट किया. ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महानगर में लगातार स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में जाकर बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है. इसका असर अब साफ नजर आने लगा है, जब बच्चे खुद अपने परिवारजनों को वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, सिग्नल का पालन करने और सुरक्षित गति रखने की सीख दे रहे हैं.
डॉ. भाग्यश्री खखड़िया और उनके पुत्र राजवीर सिंह का यह कदम यह संदेश देता है कि यदि सड़क सुरक्षा की शिक्षा बचपन से दी जाए, तो उसका प्रभाव पूरे परिवार और समाज तक पहुंचता है. इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे जागरूक नागरिकों और नन्हे ट्रैफिक प्रहरी की सराहना करते हुए आमजन से भी अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें.
