रूसी सुरक्षा प्रमुख सर्गेई ने अजीत डोभाल से मुलाकात की, सुरक्षा संबंधों और रक्षा खरीद पर बातचीत की

माॅस्को, 07 अगस्त (वार्ता) रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका के साथ भारत के मौजूदा व्यापार विवाद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा के बीच, रूस के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी सर्गेई शोइगु ने भारत और रूस के बीच सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करने का आह्वान किया है। आरटी की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी।
रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव ने गुरुवार को अपने भारतीय समकक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बातचीत की, जो इस समय भारत और रूस के बीच सुरक्षा तथा रक्षा संबंधों पर चर्चा करने के लिए माॅस्को में हैं।
श्री डोभाल की अपने रूसी समकक्ष और अन्य उच्च पदस्थ रूसी अधिकारियों के साथ चर्चा मुख्य रूप से आतंकवाद-निरोध, सहयोग, और अधिक एस-400 प्रणालियों की आपूर्ति तथा रूस के पाँचवीं पीढ़ी के सुखोई एसयू-57 लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर केंद्रित होगी। दोनों पक्ष ऊर्जा, उर्वरक और अन्य वस्तुओं में सहयोग पर भी चर्चा करेंगे।
श्री शोइगु ने श्री डोभाल से कहा, “रूस और भारत मज़बूत, भरोसेमंद और समय-परीक्षित मित्रता के बंधनों से जुड़े हैं। हमारे देश के लिए, पारस्परिक सम्मान, एक-दूसरे के हितों के प्रति समान विचार और एक एकीकृत एजेंडे को आगे बढ़ाने की इच्छा पर आधारित, भारत के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रूप से मज़बूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा कि रूस और भारत दोनों “एक नई, अधिक न्यायसंगत और मजबूत विश्व व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून की सर्वोच्चता सुनिश्चित करे और आधुनिक चुनौतियों और खतरों का मिलकर मुकाबला करने में सक्षम हो।”
श्री डोभाल की रूस की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत से होने वाले सभी आयातों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है, ताकि भारत पर रूस के साथ तेल व्यापार में कटौती करने का दबाव बनाया जा सके।
भारत ने इस कदम की आलोचना करते हुए व्हाइट हाउस के उपायों को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए, अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का वादा करते हुए पीछे हटने से इनकार कर दिया है।
बैठक में श्री शोइगु ने कहा, “दोनों देशों की सुरक्षा परिषद के माध्यम से नियमित परामर्श से रूसी-भारतीय संबंधों को मजबूत करने और वर्तमान कठिन अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में उन्हें एक नए स्तर पर ले जाने में मदद मिलती है।”

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भी इस महीने के अंत में रूस का दौरा करने की उम्मीद है, क्योंकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की इस साल के अंत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर बैठक के लिए भारत में आगामी यात्रा की तैयारियाँ चल रही हैं।

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