मिर्जापुर, 14 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। तेज हवाओं से सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचा है तथा बड़ी संख्या में पेड़ और टीनशेड उखड़कर दूर जा गिरे। जिलाधिकारी पवन गंगवार ने गुरुवार को बताया कि बुधवार शाम करीब छह बजे आए आंधी-तूफान की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा आंकी गई। इस प्राकृतिक आपदा में जिले में अब तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि दो लोगों की मौत कंटेनर पलटने से तथा दो अन्य की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हुई है। अन्य मृतकों की जान पेड़ गिरने, टीनशेड उड़कर गिरने और दीवार ढहने जैसी घटनाओं में गई है।
जिलाधिकारी के अनुसार जिले में लगभग 100 पेड़ उखड़ गए, जबकि करीब 20 टीनशेड अपने स्थान से उड़कर आधा से एक किलोमीटर दूर जाकर गिरे। कई स्थानों पर मकान भी जमींदोज हो गए हैं। पड़री थाना क्षेत्र के मोहनपुर पहाड़ी गांव निवासी सरोज देवी अपने घर के बाहर बंधे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास कर रही थीं, तभी महुआ का पेड़ उनके ऊपर गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई।
संतनगर थाना क्षेत्र के कोलकम कला गांव में तेज आंधी के दौरान उड़कर आया टीनशेड नीलम देवी के ऊपर गिर पड़ा। लोहे की चादर से गर्दन कट जाने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
चील्ह थाना क्षेत्र के गड़गेड़ी गांव निवासी रामसागर जायसवाल अपने घर के पास सो रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी-पानी में उनके ऊपर घर की चारदीवारी गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पड़री थाना क्षेत्र के नदिगहना स्थित सारी पोखरी गांव में नौ वर्षीय बालक अंशु अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान तेज हवा से आम का पेड़ टूटकर उसके ऊपर गिर पड़ा, जिससे उसकी दबकर मौत हो गई।
कछवां थाना क्षेत्र के विदापुर गांव निवासी बेइला देवी के ऊपर टीनशेड गिरने से उनके सिर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं हरदरा गांव के पास आंधी के दौरान एक यूकेलिप्टस का पेड़ स्कॉर्पियो वाहन पर गिर पड़ा। हादसे में वाहन सवार राणा उर्फ बबलू सिंह की मौत हो गई, जबकि उनकी मां सुनीता देवी और पत्नी रीता देवी घायल हो गईं। अहरौरा क्षेत्र के शिकारगंज निवासी गुलाब और उनकी पत्नी निराशा देवी के ऊपर मकान की दीवार गिर गई। हादसे में गुलाब की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी घायल हो गईं। इसके अलावा कछवां क्षेत्र में मजदूरी कर घर लौट रही जक्खिनी बनारस निवासी मुन्नी देवी, नारायनपुर की झुन्नी देवी और गीता देवी भी आंधी-तूफान में घायल हो गईं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है तथा सभी मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
