
जबलपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुधवार को एक युवक ने खुद पर केरोसिन उड़ेल दिया और आत्महत्या करने की कोशिश करने लगा, गनीमत रही कि वहां मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों की उस पर नजर पड़ गई, जिन्होंने दौडक़र उसे पकड़ कर उसकी जान बचाई। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में काफी देर तक अफर-तफरी मची रही। बाद में युवक को सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवक पूर्व में हुई उसकी मां की हत्या और उसके साथ मारपीट किए जाने और प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
सूत्रों के मुताबिक घुंसौर निवासी हीरा बाई चौधरी की 8 दिसम्बर 2024 को हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या का मामला दर्ज किया था लेकिन अब तक आरोपियों का पुलिस कोई अहम सुराग नहीं जुटा पाई है। मृतिका के बेटे गोपाल चौधरी ने मामले में गांव में रहने वाले कुछ लोगों पर संदेह जाहिर किया था। गोपाल का आरोप है कि उसे लगातार धमकाया जा रहा है पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है। जिन पर उसने शक जाहिर किया है वह उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। मंगलवार को भी मारपीट की गई। शहपुरा थाने जाकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पुनः बुधवार को गोपाल परिजनों और ग्रामीणों के साथ शहपुरा थाने पहुंचा जहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि जिस मोबाइल से उसने मारपीट का वीडियो बनाया था पुलिस ने उसे भी छीन लिया है। जिसके बाद गोपाल सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गया जहां आक्रोशित जनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच गोपाल पटैल नेे आत्महत्या करने के इरादे से खुद पर केरोसीन उड़ेल आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि पुलिस अधिकारी और जवान ने उसे दौडक़र पकड़ लिया। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी जिन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया था। सूत्रों की माने तो गोपाल के परिजनों के पुलिस ने बयान लिए। लेकिन गोपाल थाने से पुलिस को चकमा देकर भाग गया है। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। बताया गया है कि गोपाल और उसके परिजनों का गांव में रहने वाले पटेल समाज के कुछ लोगों से विवाद चल रहा है, पूर्व में भी गोपाल के परिजनों की रिपोर्ट पर तीन एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
