
मंडला।आदिवासी बहुल क्षेत्र नारायणगंज ब्लॉक के ग्राम टिकरिया स्थित शासकीय सांदीपनि हायर सेकंडरी स्कूल में दर्जनों छात्रों के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार से जनआक्रोश फूट पड़ा है। स्कूल प्रबंधन पर आरोप है कि छात्रों के सिर के बाल जबरन काटकर उन्हें स्कूल से भगा दिया गया। बाल काटने की यह घटना स्कूल में ही कैंची से की गई, वह भी बिना किसी पूर्व सूचना या अभिभावकों की जानकारी के।
पीड़ित छात्रों ने बताया कि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और बालों की लंबाई का हवाला देकर बाहर निकाल दिया गया। इससे बच्चे गहरे मानसिक आघात से गुजर रहे हैं और उनमें हीन भावना पैदा हो गई है।
स्थानीय अभिभावकों ने इस क्रूर व्यवहार की तीव्र निंदा करते हुए इसे शिक्षा की गरिमा के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि यह घटना न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि आदिवासी अंचल में शिक्षा के प्रति भरोसे को भी तोड़ने वाली है।
अगर अनुशासन का सवाल था तो पहले सूचना दी जाती, नोटिस जारी होता या अभिभावकों को बुलाया जाता। यह व्यवहार शिक्षा के नाम पर अत्याचार है,” एक नाराज अभिभावक ने कहा।
ज्ञात हो कि पूर्व में न्यायालय व शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को प्रताड़ित या अपमानित करने की कोई कार्रवाई न की जाए जिससे उनके मानसिक विकास पर विपरीत प्रभाव पड़े।
अब सवाल यह है कि क्या आदिवासी अंचल के मासूम बच्चों को अपमानित करना ही शिक्षकों का अनुशासन है?
क्या ऐसी घटनाओं से बच्चों के मन में स्कूल के प्रति भय नहीं पनपेगा?
प्रशासन से मांग है कि इस अमानवीय कृत्य की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी प्रबंधन के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को भी गरिमा के साथ शिक्षा का अधिकार मिल सके।
