
रायसेन।सावन माह की पूर्णिमा पर भाई बहन के स्नेह का रक्षाबंधन का त्यौहार इस साल 9 अगस्त को असीम उत्साह व धूमधाम से मनाया जाएगा।रक्षाबंधन पर्व पर इस बार नहीं रहेगा भद्रा का साया।बहनें अपने भाईयों की कलाई पर दिन भर स्नेह की डोर राखी बांधेगी।
धर्माशास्त्री पंडित ओमप्रकाश शुक्ला सौजना पं.राममोहन चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार 9 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा पर कई शुभ योग का महासंयोग भी बन रहा है।, जिसके चलते ये पूर्णिमा खास रहने वाली है। उन्होंने बताया कि इस दिन पूर्णिमा तिथि के साथ श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, बव करण और मकर राशि में चंद्रमा की उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा सर्वार्थसिद्धि और शनि श्रवण जैसे शुभ योग एक साथ बन रहे हैं।
इस साल रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। पं. चतुर्वेदी ने बताया कि हालांकि पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। लेकिन उदयातिथि 9 अगस्त को है। लिहाजा इसी दिन रक्षाबंधन रहेगा। वहीं 9 अगस्त को सुबह 5.35 से दोपहर 1.24 तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.00 बजे से 12.53 बजे तक रहेगा।
सावन माह शुरू हो चुका और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार इसी माह की पूर्णिमा को आगामी 9 अगस्त को मनाया जाएगा। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में रक्षाबंधन पर भद्रा के कारण राखी बांधने के समय में बदलाव करना पड़ा था। लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा।लिहाजा बहनें दिन भर अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
धर्मशास्त्री पंडित ओमप्रकाश शुक्ला ने बताया कि पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा की तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2.12 बजे से शुरू हो रही है और उसी समय से भद्रा भी लग जाएगी और यह भद्रा 9 अगस्त की सुबह 1.52 बजे तक रहेगी। लेकिन रक्षाबंधन पर्व के दिन एक अच्छी बात ये है कि भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी। यही वजह है कि 9 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा और उस समय भद्रा का साया नहीं रहेगा। ऐसे में लोग पूरी श्रद्धा और शुभ संयोग में मनाया जाएगा।
