इंदौर: शहर में अब कहीं भी बिना अनुमति के स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जाएंगे. स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए सड़क सुरक्षा समिति के अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है. बिना अनुमति के स्पीड ब्रेकर बनाने पर ठेकेदार कंपनी और इंजीनियर पर कार्रवाई होगी. साथ ही निर्माण राशि की वसूली और शासन का नियम तोड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अलग होगी। यह आदेश आज कलेक्टर ने दिए है.
कलेक्टर आशीष सिंह ने आज निर्देश दिए है कि जिले में सड़क सुरक्षा समिति की अनुमति लिए बगैर कहीं भी स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जाएं. उक्त निर्णय सड़क सुरक्षा समिति की पिछली बैठक में लिया गया था. बैठक में उक्त मामला सामने आया था कि शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों पर सड़क सुरक्षा समिति की अनुमति के बिना विभिन्न विभागों के इंजीनियर द्वारा बगैर मापदण्ड, बगैर गुणवत्ता के स्पीड ब्रेकर बनाएं जा रहे हैं.
इससे दुर्घटना की आशंका रहती है. उपरोक्त समस्या पर कलेक्टर ने निर्णय लेते हुए कहा कि संबंधित विभाग के इंजीनियर और एजेन्सी की आर्थिक अनियमितता मानते हुए राशि वसूल की जाएगी. साथ ही इंजीनियर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएं. साथ ही कलेक्टर का उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
