देवास: शहर के ढांचा भवन इलाके में एक मां ने अपने दो मासूम बच्चों को हमेशा के लिए खो दिया। तीन साल की बच्ची निशा और सात साल का हेमंत—दोनों भाई-बहन रात को सोए, लेकिन सुबह नहीं जागे। बच्चों की मां प्रिया यादव का रो-रो कर बुरा हाल है। उसने बताया कि रात को सब कुछ सामान्य था। पड़ोस में रहने वाले एक बच्चे का जन्मदिन मनाकर घर लौटी थी। बच्चों को खाना खिलाया और फिर सो गए। लेकिन सुबह जब उठाने गई, तो दोनों बिल्कुल भी हिले-डुले नहीं।
घबराकर तुरंत पड़ोसियों को बुलाया गया। बच्चे को पहले संस्कार हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर जिला अस्पताल, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। प्रिया यादव मूलतः मथुरा की रहने वाली है। कुछ साल पहले उसने विष्णु कटारा नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था, जो भिंड मुरैना का रहने वाला है। कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए। इसके बाद प्रिया पीथमपुर में नौकरी करने लगी, और करीब एक महीने पहले देवास आकर रहने लगी।
वह ढांचा भवन क्षेत्र में विक्की जगदाले के मकान में किराए से रह रही थी और यहां नौकरी की तलाश में आई थी। पड़ोस में रहने वाली महिला रीना ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे प्रिया ने बताया कि बच्चे नहीं उठ रहे हैं।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मौत की असली वजह क्या है—यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
लेकिन एक मां के लिए यह ग़म शायद कभी नहीं मिट पाएगा। दो फूल जो अभी ठीक से खिले भी नहीं थे, अचानक मुरझा गए… अब पूरे मोहल्ले में सन्नाटा है, और सवाल यही क्या ये सिर्फ़ एक हादसा था… या कुछ और?
