बालाघाट:स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट या मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कोई रोक या आदेश नहीं दिया है। यह अफवाह कि स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं हैं, पूरी तरह भ्रामक और झूठी है। बिजली वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर योजना के तहत लगाए जा रहे हैं और उपभोक्ता इससे मना नहीं कर सकते।
यह भी दावा गलत है कि मीटर तेज चलते हैं, विभिन्न परीक्षणों में यह सिद्ध हुआ है कि मीटर सही रीडिंग देते हैं। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से सटीक बिलिंग, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक फायदे मिलते हैं।
