ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी अध्ययनशाला द्वारा ‘मानव स्वास्थ्य के लिए पादप जैव प्रौद्योगिकी और फेज चिकित्सा में नवाचार’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन बायोटेक्नोलॉजी अध्ययनशाला में 1 अगस्त से किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक डॉ.राजकुमार आचार्य, संरक्षक डॉ.राकेश कुशवाह, संयोजक डॉ.वायके जायसवाल रहेंगे। यह जानकारी आयोजन सचिव डॉ.समीर भाग्यवंत ने दी।
ब्रिंघम यंग यूनिवर्सिटी यूएसए और जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के बीच एमओयू किया जाएगा जिसमें जीवाजी विश्वविद्यालय के छात्र छात्राएं एवं रिसर्च स्कॉलर ब्रिंघम यंग यूनिवर्सिटी जाकर नवीनतम बायोटेक्नोलॉजी विषय पर ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। इस उद्देश्य से ब्रिंघम यंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जूलियन ग्रोस एवं लोरिन अल्फिन अपने 18 शोधार्थी के साथ बायोटेक्नोलोजी अध्ययनशाला में आ गए हैं।
वह छात्र चंबल नदी के पानी से बैक्टीरियोफेज को आइसोलेट कर उनका डीएनए परीक्षण जीवाजी विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलोजी अध्ययनशाला में करेंगे। संगोष्ठी में यूएसए के अलावा देशभर के 10 से ज्यादा जाने माने बायोटेक्नोलॉजिस्ट सहभागिता कर अपना शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे। यह संगोष्ठी पीएम ऊषा द्वारा प्रायोजित है।
अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो.जूलियन ग्रोस ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी अमेरिका,प्रो.लोरेन अल्फिन ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी अमेरिका, हांगकांग के चीनी विश्वविद्यालय के प्रो. त्ज़ी-बुन, डॉ. मनमोहन परिदा उत्कृष्ट वैज्ञानिक निदेशक डीआरडीई ग्वालियर, प्रो. सत्य प्रकाश तिवारी पूर्व कुलपति जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, प्रो. बी.सी.बारिक, पूर्व कुलपति, संबलपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा, प्रो.पी.एस. बिसेन पूर्व कुलपति जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, प्रोफेसर नीलिमा सिंह चंदेल पूर्व कुलपति कोटा विश्वविद्यालय राजस्थान, प्रो. कीर्ति कुमार कौल जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, प्रो.ए.के. श्रीवास्तव पूर्व डीन, विज्ञान संकाय, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर, डॉ. अनिल बालापुरे, पूर्व मुख्य वैज्ञानिक, सीडीआरआई, लखनऊ, प्रो.नलिनी श्रीवास्तव पूर्व डीन, जीवन विज्ञान संकाय, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर आदि उपस्थित रहेंगे।
