चेन्नई, 26 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बुनियादी ढांचा और ऊर्जा क्षेत्र को राज्य के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि केंद्र पिछले 11 वर्षों से इन क्षेत्रों ( विशेष रूप से तमिलनाडु) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
श्री मोदी तूतीकोरिन हवाई अड्डे पर एक नए टर्मिनल और विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करने और सड़क, रेल और बंदरगाह संपर्क बढ़ाने के लिए नयी परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद तमिल में ‘वणक्कम’ से अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु अभूतपूर्व विकास का गवाह बन रहा है। यह विकास राज्य को विकसित भारत की प्रेरक शक्ति बनाने के केंद्र के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आज बंदरगाह, रेल और सड़क क्षेत्रों में तमिलनाडु के विकास के लिए 4,900 करोड़ रुपये की परियोजनाएं समर्पित कीं और आधारशिला रखीं।
उन्होंने कहा, “आज कारगिल दिवस है। मैं वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और मातृभूमि की रक्षा करने के लिए उन्हें नमन किया है।
उन्होंने कहा कि वे चार दिवसीय सफल विदेश यात्रा के दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए ) पर हस्ताक्षर करने के बाद यहां पहुंचे हैं। यह इस बात का प्रतीक है कि दुनिया का भारत पर विश्वास बढ़ रहा है।
तमिलनाडु को एक विकसित राज्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि तिरुचेंदूर भगवान मुरुगा के आशीर्वाद से तूतीकोरिन और तमिलनाडु के विकास में एक नया अध्याय लिखा गया है।
प्रधानमंत्री ब्रिटेन के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते की मुख्य विशेषताओं के बारे में भी बताया और कहा कि इससे भारत और तमिलनाडु के युवा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्ट-अप और अन्य उद्योगों को लाभ तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
