इंदौर: शहर में स्मार्ट सिटी द्वारा 200 सौ बस स्टॉप बनाए जा रहे है. बस स्टॉप पीपीपी मोड पर एक कंपनी शहर में बनाकर्दे दी है, जिसको स्मार्ट सिटी ने 25 वर्ष के विज्ञापन अधिकार के साथ अनुमति दी है. विशेष बात यह है कि एक बस स्टॉप के निर्माण पर 8 लाख रुपए निर्माण लागत आ रही है, जो ठेकेदार कंपनी वहन कर रही है.
स्वच्छता के बाद शहर में आधुनिक और विदेश स्टाइल के बस स्टॉप बनाए जा रहे है. स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर में 2 सौ बाद स्टॉप बनाने का कार्य चल रहा है.
स्मार्ट सिटी ने मेसर्स विजय प्रताप शर्मा के साथ पीपीपी मोड पर बस स्टॉप निर्माण का अनुबंध किया है. मेसर्स विजय प्रताप शर्मा कंपनी द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों और स्थानों पर बस स्टॉप बनाए जाएंगे. इसके एवज में कंपनी को एक बस स्टॉप के निर्माण पर 8 लाख और सभी 200 सौ बस स्टॉप निर्माण करने पर 16 करोड़ रुपए की लागत आएगी. अभी तक शहर में 30 बस स्टॉप बन चुके है और 20 बस स्टॉप महीने अंत तक शुरू हो जाएंगे. शेष बस स्टॉप अगले साल जुलाई 26 तक पूरे निर्मित हो जाएंगे.
25 साल के लिए विज्ञापन अधिकार
कंपनी द्वारा पीपीपी मोड पर पैसा लगाने के बदले स्मार्ट सिटी द्वारा कंपनी को 25 साल के लिए बस स्टॉप पर विज्ञापन अधिकार दिया गया है. बैक स्टॉप पर जो भी विज्ञापन प्रदर्शित होगा, उसकी राशि लेने का अधिकार कंपनी को होगा. कंपनी विज्ञापन की राशि तय मानकों के अनुसार वसूल करेगी. स्मार्ट सिटी सीईओ दिव्यांक सिंह ने बताया कि बस स्टॉप निर्माण का काम चल रहा है. कंपनी को स्मार्ट सिटी द्वारा पीपीपी मोड पर 25 साल के लिए विज्ञापन अधिकार के साथ दो सौ बस स्टॉप निर्माण का अनुबंध किया है.
