नागपुर, (वार्ता) महाराष्ट्र में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की नागपुर क्षेत्रीय इकाई ने मैसूर में भारतीय हाथियों के दांतों की तस्करी में शामिल एक अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस कार्रवाई में 4.058 किलोग्राम हाथी दांत ज़ब्त किए गए और तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई ने 26 मई को मैसूर में एक अभियान चलाया। इस दौरान आरोपियों के पास से 4.058 किलोग्राम वज़नी हाथी दांत बरामद किए गए।
भारतीय हाथी को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत संरक्षित किया गया है। यह अधिनियम लुप्तप्राय वन्यजीव प्रजातियों और उनसे बने उत्पादों के व्यापार पर सख्त प्रतिबंध लगाता है। परिणामस्वरूप हाथी दांत को अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत ज़ब्त कर लिया गया। इस अभियान के बाद हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मैसूर क्षेत्रीय सीमा के वन अधिकारी को सौंप दिया गया।
अवैध बाजारों में एशियाई हाथी दांत की बहुत मांग रहती है, क्योंकि इसकी बनावट अपेक्षाकृत नरम होती है। इस वजह से यह बारीक नक्काशी और सजावटी कलाकृतियां बनाने के लिए बहुत उपयुक्त होता है।
डीआरआई ने बताया कि वह संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोहों को खत्म करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है, और हाल के वर्षों में उसने ऐसे कई अवैध नेटवर्क का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है।
