सीमा पर बसे गांवों में आधी रात को धरती कांपी: ग्रामीणों में मचा हड़कंप

पिपलियामण्डी। पिपलियामंडी से 20 किलोमीटर दूर राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर तड़के अचानक धरती कांप उठी। देर रात आए तेज भूकंप के झटकों ने प्रतापगढ़ जिले के धमोतर, कुलमीपुरा, बोरी, टांडा सहित कई गांवों में दहशत फैला दी। झटकों की तीव्रता इतनी थी कि घरों की दीवारें, खिड़कियां, पंखे और बल्ब तक हिलने लगे। लोग चीखते-चिल्लाते घरों से बाहर भाग निकले और कई गांवों में अफरा-तफरी मच गई।

CCTV में रिकॉर्ड हुआ कंपन, सोशल मीडिया पर वायरल

धमोतर क्षेत्र में एक घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में यह भयावह मंजर कैद हो गया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लाइटें और दीवारें हिल रही हैं। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया और लोगों में भय का माहौल बना रहा।

व्हाट्सएप ग्रुपों में छाए रहे झटके, मौसम विभाग का अलर्ट

घटना के बाद ग्रामीणों ने झटकों के अनुभव व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू कर दिया। मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की कि रात 12 बजे से सुबह 4:30 बजे तक दोबारा झटके आ सकते हैं। इस सूचना के बाद कई परिवार पूरी रात घरों से बाहर खुले में ही बैठे रहे।

ग्रामीण बोले: पहली बार इतनी तीव्रता का अनुभव हुआ

धमोतर निवासी एक ग्रामीण ने बताया, “घर की दीवारें हिल रही थीं, पंखे झूलने लगे, खटिया तक कांप रही थी। बच्चे रोने लगे और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ गई। जीवन में पहली बार इतना भयानक कंपन महसूस किया है।” कई गांवों में अब भी दहशत का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों में अब भी दहशत, लगातार निगरानी में प्रशासन

हालांकि मौसम विभाग की रिपोर्ट में इसे वैज्ञानिक रूप से दर्ज भूकंप नहीं बताया गया है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा महसूस किया गया कंपन बेहद तीव्र और असामान्य था। प्रशासन की सतर्कता और समय पर एडवाइजरी के चलते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन लोगों के मन में डर अब भी बाकी है।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी – घबराएं नहीं, सतर्क रहें

जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से संयम बरतने और घबराने से बचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि सभी तहसीलों को अलर्ट कर दिया गया है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

भूकंप के दौरान क्या करें – क्या न करें?

घर में हों तो मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे शरण लें।

दीवार के कोने में बैठें और सिर-गर्दन को ढंकें।

बाहर हों तो पेड़, खंभे और इमारतों से दूर रहें।

वाहन में हों तो वहीं रुकें और वाहन से बाहर न निकलें।

लिफ्ट का उपयोग न करें।

अफवाहों से बचें और केवल प्रशासनिक स्रोतों पर भरोसा करें।

संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर सतर्क रहें।

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