
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में निर्माणाधीन सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के तहत प्रस्तावित बांधों को लेकर प्रभावित ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा था. ग्रामीणों की शिकायत थी कि उन्हें परियोजना से संबंधित स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही.अब जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री कुमकुम कौरव पटेल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि भूमि अधिग्रहण, वन व पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया प्रगति पर है. भूमि का अधिग्रहण पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत होगा तथा मुआवजा कलेक्टर गाइडलाइन या बाजार मूल्य में से जो अधिक हो, उसके आधार पर मिलेगा.
इसके साथ ही प्रभावितों को सोलेशियम राशि और परिसंपत्तियों का अलग से मूल्यांकन कर मुआवजा दिया जाएगा.मकान, कुएं, पेड़ जैसी संपत्तियों के साथ-साथ धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों का पुनर्विस्थापन भी प्रस्तावित है. परियोजना के तहत जुन्नारदेव, परासिया, सौंसर समेत 628 ग्रामों की 1.90 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी. प्रभावित परिवारों की आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष पुनर्वास पैकेज भी तैयार किया गया है, जिसकी स्वीकृति शासन स्तर पर लंबित है.
