
इंदौर फैमिली कोर्ट में नारायण सांई की हुई पेशी, सूरत जेल से कड़ी सुरक्षा में लाया गया भरण-पोषण व तलाक प्रकरण में सुनवाई इंदौर. दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण सांई को मंगलवार को इंदौर फैमिली कोर्ट में पेश किया. उनकी पत्नी जानकी द्वारा दायर तलाक और भरण-पोषण प्रकरण में करीब एक घंटे से अधिक सुनवाई चली.
इंदौर फैमिली कोर्ट में मंगलवार को हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद के तहत नारायण सांई की पेशी हुई. गुजरात पुलिस उसे सूरत जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इंदौर लेकर पहुंची. कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. सुनवाई के दौरान पुलिस नारायण सांई को सीधे कोर्ट रूम में ले गई और कार्यवाही पूरी होते ही उसे तत्काल वापस सुरक्षा घेरे में बाहर निकालकर अपने साथ ले गई. पूरे घटनाक्रम के दौरान कोर्ट परिसर में किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल तैनात रहा. मामला उसकी पत्नी जानकी हरपलानी द्वारा दायर तलाक और भरण-पोषण याचिका से जुड़ा है. मंगलवार की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर आसाराम के कुछ अनुयायी भी मौजूद रहे, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रित रही.
क्या है पूरा मामला?
नारायण सांई, आसाराम का बेटा है और वर्तमान में दुष्कर्म के एक मामले में सूरत जेल में सजा काट रहा है. उसकी पत्नी जानकी हरपलानी ने इंदौर फैमिली कोर्ट में तलाक और भरण-पोषण के लिए याचिका दायर की है. वर्ष 2018 में कोर्ट ने नारायण को हर माह 50 हजार रुपए भरण-पोषण देने का आदेश दिया था. आरोप है कि आदेश के बावजूद अब तक राशि का भुगतान नहीं किया, जिससे ब्याज सहित बकाया रकम 55 लाख रुपए से अधिक हो गई है. नारायण की ओर से 2025 में केस को दोबारा सुनवाई के लिए खोलने की मांग की गई, यह कहते हुए कि 2013 से जेल में होने के कारण उसका पक्ष पहले नहीं सुना गया. जानकी और नारायण का विवाह 1995 में हुआ था, जबकि पत्नी ने करीब चार साल पहले तलाक का केस दायर किया.
