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बातुमी (जॉर्जिया) 24 जुलाई (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय मास्टर दिव्या देशमुख ने चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त तान झोंगयी को हराकर फिडे महिला शतरंज विश्वकप के फाइनल मुकाबले में जगह बना ली है।
19 वर्षीय दिव्या देशमुख ने बुधवार को खेले गये फिडे महिला विश्वशतरंज कप के सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को हरा दिया और मैच 1.5-0.5 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया।
इससे पहले भारतीय खिलाड़ी दिव्या ने दूसरी वरीयता प्राप्त झू जिनर और अपनी उच्च रैंकिंग वाली हमवतन हरिका द्रोणावल्ली को हराया था। फिडे ओलंपियाड में व्यक्तिगत और टीम स्वर्ण पदक जीतने के एक साल बाद, दिव्या का विश्वकप फाइनल तक का सफर उनके अब तक के शानदार करियर में एक और उपलब्धि है। इस जीत के वह अगले साल होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई है।
महिला विश्वकप के तीसरे संस्करण में, इस टूर्नामेंट में 15वीं वरीयता प्राप्त दिव्या अब इसकी सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट हैं। वह नूरग्युल सलीमोवा से एक साल छोटी। दिव्या, सलीमोवा के साथ महिला विश्वकप फाइनल में जगह बनाने वाली एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मास्टर्स खिलाड़ी भी बन गई हैं।
इस साल की शुरुआत में विश्व चैंपियनशिप में जू वेनजुन से हारने वाली झोंगयी के लिए यह विश्वकप के सेमीफाइनल में लगातार तीसरी हार है। प्रतियोगिता के पहले दो संस्करणों में वह क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रही थीं।
