बुधनी. नगर के सांदीपनि विद्यालय में लगभग एक हजार छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं और बैठक व्यवस्था के लिए मात्र 13 कमरे उपलब्ध हैं. जो स्कूल प्रबंधन के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. लगभग हजार बच्चों को इन 13 कमरों में बैठाकर अध्ययन करवाना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है.
स्कूल का नया भवन नगर से कुछ ही दूरी बांसापुर में निर्माणाधीन है. लेकिन अभी काम पूरा होने तक इस समस्या से निजात पाने के लिए स्कूल प्रबंधन को दो पारियों में कक्षाएं लगाई जाना चाहिए जिसमें हजार बच्चों को संतुलित किया जा सके. सांदीपनि विद्यालय में प्राथमिक से लेकर 12 वीं कक्षा तक के 990 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं. इन पर 28 शिक्षक शिक्षिकाएं, 12 अतिथि और 02 अन्य यानी लगभग पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं.
छठवीं कक्षा में 87, सातवीं कक्षा में 90, आठवीं कक्षा में 95, नौवीं कक्षा में 140, दसवीं कक्षा में 90, 11 वीं में 150, और 12 वीं में 109, छात्र-छात्राएं एक ही कमरे में बैठते हैं. इन कमरों का साइज भी कम है. इस समस्या से निजात पाने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा कक्षाओं को दो पारी में लगाया जा सकता है. इस मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन ने कई बार उच्च अधिकारियों को लिखित रूप में भी अवगत कराया है. पालक शिक्षक संघ की बैठक में भी इसे प्रस्तावित किया जा चुका है. इसके बाद भी अब तक दो पारियों में स्कूल लगाने की अनुमति नहीं दी गई है.
हाल ही में स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में विधायक रमाकांत भार्गव और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिसमें स्कूल प्रबंधन ने इस मांग को लेकर प्रमुखता से अवगत कराया था. विधायक भार्गव ने इस समस्या को जल्द ही हल करवाने का आश्वासन दिया है.
