
ग्वालियर। बदलते समय के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ एक तकनीकी शब्द नहीं रहा, बल्कि समाज को दिशा देने वाला माध्यम बन चुका है। इसी उद्देश्य को लेकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मीडिया एवं यूथ विंग द्वारा ग्वालियर स्थित ब्रह्माकुमारीज केंद्र पर एक दिवसीय विशेष एआई प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एआई और डिजिटल समावेशन के लिए लचीलापन आधारित क्रिया, पहल के अंतर्गत डेटा लीड्स के सहयोग से आयोजित की गई।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. मनीष कुमार जैसल (विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, आईटीएम विश्वविद्यालय), ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी, मीडिया विंग एवं यूथ विंग ग्वालियर संयोजक बीके प्रहलाद भाई एवं श्रीमती रामदेई माता जी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में मीडिया शिक्षाविद् एवं प्रमाणित फैक्टशाला ट्रेनर डॉ. जैसल ने प्रतिभागियों को गूगल लेंस, मेटा एआई, और परप्लेक्सिटी जैसे प्रमुख एआई टूल्स का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया और बताया कि इनका प्रयोग सामाजिक कार्यों, शिक्षा, मीडिया और जनजागरूकता में कैसे किया जा सकता है। डॉ. जैसल ने कहा, “एआई केवल तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम है। यदि हम इसे समझदारी और सकारात्मक सोच के साथ अपनाएं, तो यह हमारे सोचने, कार्य करने और संवाद स्थापित करने के तरीकों को पूरी तरह बदल सकता है।”
