ग्वालियर: गजराराजा मेडिकल कॉलेज में इतिहास रच दिया गया, जब पहली बार गार्ड ऑफ ऑनर के साथ देहदान संपन्न हुआ। एफ-9 हरीपुरम कॉलोनी, न्यू सुरेश नगर निवासी स्व. पांचो बाई की देह को मेडिकल शिक्षा हेतु जीआरएमसी को समर्पित किया गया। यह कॉलेज में इस वर्ष का चौथा और अब तक का 57वां देहदान है।पांचो बाई के पुत्र देवेंद्र राजौरिया, जो भितरवार के करियावटी स्कूल में शिक्षक हैं, ने देहदान की जानकारी मेडिकल कॉलेज व पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को दी।
एसपी के निर्देश पर थाटीपुर थाना पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। इसके बाद एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश त्रिवेदी व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनीष चतुर्वेदी की उपस्थिति में देह सौंप दी गई।देवेंद्र ने बताया कि उनकी बेटी डॉ. पारुल राजौरिया ने 2018 में मेडिकल प्रवेश के बाद डेडबॉडी की कमी की बात अपने दादा-दादी से साझा की थी। इसके बाद दंपति ने देहदान का संकल्प लिया।
पांचो बाई के पति बाबूलाल राजौरिया ने भी 17 नवंबर 2024 को देहदान किया था। संभवतः जिले में यह पहला एससी-एसटी दंपति है जिसने संयुक्त रूप से देहदान कर समाज को नई दिशा दी है।जीआरएमसी अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस धाकड़ ने इसे “मृत्यु के बाद भी जीवन देने वाला सबसे बड़ा दान” बताते हुए समाज से ऐसे कार्यों में आगे आने की अपील की।
