
भोपाल। राजधानी भोपाल ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी साख को साबित करते हुए पूरे देश में गौरव हासिल किया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के परिणामों में भोपाल को देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। यह उपलब्धि और भी खास इसलिए है क्योंकि इस बार भोपाल ने तीन पायदानों की छलांग लगाई है। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में भोपाल ने यह सम्मान हासिल किया है।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रदान किया। राजधानी भोपाल की ओर से यह पुरस्कार महापौर मालती राय और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण ने ग्रहण किया। दोनों ही अधिकारी इस विशेष उपलब्धि को स्वीकार करने के लिए पहले से ही दिल्ली पहुंच चुके थे।
स्वच्छता अभियान के इस राष्ट्रीय मंच पर भोपाल की उपलब्धि न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। लगातार प्रयास, नागरिक सहभागिता और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नगर निगम ने शहर को साफ-सुथरा, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में सफलता पाई है।
भोपाल पहले भी स्वच्छता में कई बार देशभर में शीर्ष स्थानों पर रहा है, लेकिन इस वर्ष की छलांग ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि शहर की जनता और प्रशासन मिलकर अगर ठान लें, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं।
नगर निगम के अधिकारी बोले
यह सम्मान हर भोपाली का है
महापौर मालती राय ने पुरस्कार मिलने के बाद कहा, यह सम्मान सिर्फ नगर निगम का नहीं बल्कि हर उस नागरिक का है जो अपने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान दे रहा है। वहीं निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण ने कहा कि हम स्वच्छता के साथ-साथ कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और नवाचारों पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं।
यह रहा भोपाल का सफाई मॉडल:
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में सुधार
सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा
सेगरेगेशन (गीला-सूखा कचरा अलग करना) पर जोर
स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर्स की नियुक्ति
क्लीन स्ट्रीट फूड हब, ओडीएफ++ जैसे मानकों को पूरा करना
भोपाल की यह उपलब्धि एक संदेश देती है कि अगर इच्छा शक्ति हो, तो कोई भी शहर स्वच्छता में उदाहरण बन सकता है।
