चेन्नई (वार्ता) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ़ 10 महीने बाकी हैं और राजनीतिक पारा गरमाया हुआ है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आज ज़ोर देकर कहा कि जब तक तमिल एक झंडे तले एकजुट रहेंगे, दिल्ली की किसी भी टीम का भगवा प्रोजेक्ट कभी सफल नहीं होगा।
राज्य में सत्तारूढ़ द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष गठबंधन, जिसमें कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके), वामपंथी दल और मुस्लिम दल शामिल हैं, का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा “ तमिलनाडु में मार्क्सवादी और अंबेडकरवादी दल एक ही झंडे तले आ गए हैं। जब तमिलनाडु एक होगा, तो दिल्ली की किसी भी टीम का भगवा प्रोजेक्ट सफल नहीं होगा। ये सहयोगी दल द्रविड़ मॉडल सरकार के लिए समर्थन का एक स्तंभ हैं।”
द्रमुक अध्यक्ष स चिदंबरम में दिवंगत तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष एल एलयापेरुमल, जो एक दलित नेता थे, के स्मारक का उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। यह स्मारक एलायपेरुमल की शताब्दी के उपलक्ष्य में 6.39 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था।
अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन का नाम लिए बिना, उन्होंने इसे दिल्ली की टीम बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की यात्रा लंबी है और एलायपेरुमल के निस्वार्थ राजनीतिक जीवन की सराहना की।
उन्होंने दिवंगत नेता के योगदान को याद करते हुए एक एक्स पोस्ट में लिखा “ दलितों और गैर-दलितों के लिए अलग-अलग पेयजल के बर्तनों के खिलाफ विद्रोह करने से लेकर, उन्होंने सेना में भी भेदभाव का विरोध किया था, जहां उन्होंने सेवा की थी। वह एक महान क्रांतिकारी थे। एलायपेरुमल समिति की रिपोर्ट की छाप अनुसूचित जाति- जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और तमिलनाडु के कानून के निर्माण में देखी जा सकती है, जिसमें सभी जातियों के मंदिर पुजारियों को अनिवार्य बनाया गया है। सब कुछ बदल जाएगा और एक न्यायपूर्ण और समान समाज स्थापित होगा।”
इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंदिर नगरी के एक विवाह भवन में राज्यव्यापी जन संपर्क कार्यक्रम ‘उंगलुदन स्टालिन’ (स्टालिन आपके साथ) का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत नवंबर के अंत तक आयोजित होने वाले 10,000 शिविरों के माध्यम से सरकारी सेवाओं को लोगों के द्वार तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर की एक प्रतिमा का भी अनावरण किया। दलित नेता और वीसीके अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन, जो स्थानीय सांसद हैं, और स्टालिन के मंत्रिमंडल के सहयोगी, इन सभी कार्यक्रमों में उपस्थित रहे।
