भोपाल: राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (SEIAA) सिया के चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी के बीच टकराव ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। सोमवार को अचानक SEIAA चेयरमैन का कार्यालय सील कर दिया गया, जिसे बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव के हस्तक्षेप के बाद दोबारा खोला गया।
इस घटनाक्रम के पीछे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप और अधिकारों के दुरुपयोग का मामला सामने आया है, जिससे पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।चेयरमैन चौहान का आरोप है कि उन्होंने पर्यावरण क्लियरेंस (EC) जारी करने में हुई गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा किया था, इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि सचिव कोठारी ने 237 मामलों में अवैध रूप से EC जारी की, जबकि यह अधिकार केवल भारत सरकार या SEIAA को है।
वहीं सचिव कोठारी ने दफ्तर बंद करने की वजह बिजली फाल्ट बताई। चौहान ने कहा कि 65 दिनों से SEIAA की बैठक नहीं हुई, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने उच्च अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके बाद कार्यालय दोबारा खोला गया। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
