इंदौर:शहर में अपराधियों को मुख्यधारा में लाने के लिए पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है. कमिश्नर के निर्देशन में ‘गुंडों की पाठशाला’ नाम से अभियान की शुरुआत की है. इसके तहत थानों में लिस्टेड गुंडों को रोज तलब किया जाएगा और उनके परिजनों की मौजूदगी में उन्हें अपराध से दूरी बनाने की समझाइश दी जाएगी. इस अभियान का मकसद है कि जो लोग अपराध की तरफ मुड़ चुके हैं, उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए.
इस पहल के तहत रविवार 14 जुलाई को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में पहली ‘गुंडों की पाठशाला’ लगाई गई. सहायक पुलिस आयुक्त हिमानी मिश्रा की मौजूदगी में हुई इस कक्षा में करीब 16 गुंडे और उनके माता-पिता, पत्नी व अन्य परिजन मौजूद रहे.
थाना परिसर में बैठाकर इन लोगों से न सिर्फ संवाद किया गया, बल्कि उन्हें अपराध के दुष्परिणाम भी समझाए गए. परिजनों के समक्ष जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ भी दिलाई गई. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर अब भी किसी ने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा, तो सख्त कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटा जाएगा.
