नयी दिल्ली, 14 जुलाई (वार्ता) चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि बिहार में मतदाता सूचियों की विशेष गहन समीक्षा (एसईआर) अभियान में मृत, स्थायी रुप से स्थानांतरित और एक से अधिक जगह पर पंजीकृत मतदाताओं को छोड़ कर 88.18 प्रतिशत मतदाताओं के भरे गणना-फार्म समीक्षा कार्य में लगे अधिकारियों को मिल चुके हैं, अब केवल 11.82 प्रतिशत मतदाता ही अपने भरे हुए गणना-फार्म (ईएफ) जमा करने के लिए शेष हैं।
आयोग के अनुसार वर्तमान सूची के 1.59 प्रतिशत मतदाता मृत पाये गये हैं, 2.2 प्रतिशत स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गये हैं, 0.73 प्रतिशत मतदाताओं के नाम एक अधिक जगह दर्ज हैं।
फार्म 25 जुलाई तक जमा कराये जा सकते हैं।
आयोग की विज्ञप्ति में कहा गया है, “ बिहार के 7,89,69,844 मतदाताओं में से 6,60,67,208 (83.66 प्रतिशत) के ईएफ एकत्र किए जा चुके हैं। अब तक (सूची में दर्ज) 1.59 मतदाता मृत पाये गये हैं, 2.2 प्रतिशत स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गये हैं और 0.73 प्रतिशत व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप पंजीकृत पाये गये हैं।”
आयोग का निष्कर्ष है कि इस तरह अब तक 88.18 प्रतिशत मतदाताओं के ईएफ जमा हो चुके हैं या उनकी मृत्यु हो गयी है या वे एक ही स्थान पर अपना नाम बनाए हुए हैं या अपने पिछले निवास स्थान से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गये हैं।
आयोग ने कहा कि इस प्रक्रिया में उसके ऐप ईसीआईनेट पर 5.74 करोड़ से अधिक गणना फॉर्म अपलोड किये जा चुके हैं।
आयोग ने कहा है कि अब तक जिन 11.82 प्रतिशत मतदाताओं के फार्म प्राप्त नहीं हुये हैं, उनमें से कई ने आने वाले दिनों में दस्तावेजों के साथ अपने गणना फॉर्म जमा करने के लिए समय मांगा है। आयोग यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है कि हर मतदाता अपना गणना-फार्म भर का जमा कराये और कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाये।
आयोग ने कहा है कि जो मतदाता अस्थायी रूप से राज्य से बाहर चले गये हैं, उनके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन और ऐसे मतदाताओं से सीधे संपर्क के माध्यम से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं कि वे समय पर अपना ईएफ भर सकें और उनका नाम एक अगस्त, 2025 को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट ईआर में भी शामिल हो।
ऐसे मतदाता अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके ईसीआईनेट ऐप या वेटर्स.ईसीआई.जीओवी.इन पर ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन ईएफ भर सकते हैं। वे अपने फॉर्म अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से या व्हाट्सएप या इसी तरह के किसी भी ऑनलाइन माध्यम से संबंधित बीएलओ को भी भेज सकते हैं।
आयोग ने कहा है कि अब लगभग एक लाख बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) जल्द ही घर-घर जाकर अपना तीसरा दौर शुरू करेंगे। इसी तरह राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1.5 लाख बूथ स्तरीय एजेंट भी अपना प्रयास तेज कर रहे हैं। वे प्रत्येक प्रतिदिन 50 ईएफ तक प्रमाणित और जमा कर सकते हैं।
