
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में भारतीय रेल ने भर्ती प्रक्रिया में व्यापक और क्रांतिकारी सुधारों की घोषणा की है। ये बदलाव तकनीकी उन्नयन, पारदर्शिता, समयबद्धता और उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं, जिससे रेलवे भर्ती प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, आधुनिक और भरोसेमंद बन सके। भर्ती प्रक्रिया में प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं।
- वार्षिक भर्ती कैलेंडर की शुरुआत
2024 से रेलवे ने पहली बार ग्रुप “C” पदों के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी किया है। इससे अभ्यर्थियों को पारदर्शिता, योजना और समय की स्पष्टता मिलेगी। यह कैलेंडर एएलपी (असिस्टेंट लोको पायलट), तकनीशियन, एनटीपीसी (नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगिरीज), पैरामेडिकल, आरपीएफ और लेवल-1 पदों के लिए भर्ती के सभी चरणों की समयसीमा बताता है।
- नोटिफिकेशन से परीक्षा के बीच का समय घटा
रेलवे द्वारा अब औसतन 8 महीनों में परीक्षा आयोजित की जा रही है, जो पहले की तुलना में काफी तेज है। आने वाले समय में इस अंतराल को और कम किया जाएगा।
- 250 किमी के दायरे में परीक्षा केंद्र
हर दिन 325 से अधिक परीक्षा केंद्रों में औसतन 350 परीक्षार्थियों की क्षमता तैयार की गई है। परीक्षा कराने वाली एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी क्षमता का विस्तार करें। साथ ही 25,000 नए नोड्स हर शिफ्ट में जोड़ने की योजना है, जिससे परीक्षा सुचारु रूप से आयोजित हो सके। रेलवे इसके साथ 250 किलोमीटर के दायरे में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र आवंटित करने के बारे में प्रयास कर रहा है। असाधारण परिस्थितियों अपवाद के तौर पर यह दूसरी 500 किमी के दायरे में हो सकती है।
- तकनीक से लगेगी नकल और धोखाधड़ी पर लगाम
क. आधार e-KYC से चेहरे का सत्यापन
ख. देशभर के 7,000+ परीक्षा केंद्रों में शत प्रतिशत जैमर लगाए गए हैं। इससे जून 2025 की RRB परीक्षा में नकल और धोखाधड़ी के मामले शून्य रहे।
ग. रजिस्ट्रेशन के समय रियल टाइम फेस मैचिंग
घ. रेलवे ने आधार ई-केवाईसी के जरिए आवेदन भरते समय के फोटोग्राफ और परीक्षा के दिन रजिस्ट्रेशन के समय लिए गए फोटो का मिलान करने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे परीक्षा के बाद स्क्रूटनी में वेरिफिकेशन की और लेयर जुड़ जाती है।
- शैक्षिक योग्यता और वेटलिस्ट में सुधार
क. अब लेवल-1 पदों के लिए “10वीं पास या ITI या राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट” मान्य है। इसका फैसला कैंडिडेट्स से फीडबैक के आधार पर किया गया है।
ख. वेट लिस्ट को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पहले से ही वैकेंसी बढ़ा दी गई हैं, जिससे वेट लिस्ट के कैंडिडेट्स के लिए अनिश्चितता कम होगी।
- उम्मीदवारों के लिए रेलवे के हितैषी कदम
क. पूरे भर्ती कैंलेडर के लिए OTR आधारित रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है, इससे कई पदों के लिए आवेदन करना आसान हुआ है।
ख. रेलवे ने ऑडियो फीचर के साथ दिव्यांगजनों के अनुकूल आरआरबी वेबसाइट की सुविधा दी है।
ग. परीक्षा की शुचिता बरकरार रखते हुए रेलवे ने समावेशी और सेक्युलर दृष्टिकोण के साथ परीक्षार्थियों को धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। पहले परीक्षार्थियों को इस तरह की अनुमति नहीं थी।
- सर्वर और सॉफ़्टवेयर में बड़े सुधार
क. परीक्षा कराने वाली एजेंसियों (ECA) ने परीक्षा केंद्रों पर 5,500 नए हाई-कैपेसिटी सर्वर लगाए हैं, जिससे तकनीकी समस्याएं जैसे फॉर्म डाउनलोड न होना, लॉक/अनलॉक आदि की समस्या समाप्त होंगी।
ख. प्रश्न पत्रों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु विषय विशेषज्ञों और अनुवादकों की अतिरिक्त समीक्षा की व्यवस्था की गई है।
- अंतर विभागीय सुधार: अब विभागीय ALP व प्रमोशनल परीक्षाओं में ‘CBAT और टैब-बेस्ड टेस्ट’ लागू किए गए हैं, जिससे दक्षता बढ़ेगी।
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की दूरदर्शिता और नेतृत्व में रेलवे भर्ती प्रणाली अब एक ‘नई डिजिटल, पारदर्शी और समावेशी’ दिशा की ओर बढ़ रही है। यह न केवल युवाओं को भरोसेमंद मंच देगा, बल्कि भारत की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में से एक को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएगा।
