एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जारी की 15 पेज की रिपोर्ट; कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में पायलटों के बीच हुई अंतिम बातचीत से खुलासा, ‘मैंने कटऑफ नहीं किया’।
नई दिल्ली, 12 जुलाई, 2025 (नवभारत): 12 जून को अहमदाबाद में हुए भयावह एयर इंडिया विमान हादसे की प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट जारी कर दी गई है, जिसमें एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी 15 पेज की इस रिपोर्ट के अनुसार, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान के टेकऑफ करने के महज 3 सेकंड बाद ही उसके दोनों इंजन अचानक बंद हो गए थे। यह घटना ही विमान दुर्घटना का मुख्य कारण बनी, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान ने जैसे ही उड़ान भरी और 180 नॉट्स की अधिकतम स्पीड पर पहुँचा, उसके तुरंत बाद इंजन नंबर-1 और इंजन नंबर-2 के फ्यूल कटऑफ स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए, जिससे दोनों इंजनों तक ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग से पता चला है कि इस अप्रत्याशित घटना से फ्लाइट उड़ा रहे दोनों पायलट भी हैरान थे। रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई देता है, “फ्यूल कटऑफ क्यों किया?” जिसके जवाब में दूसरा पायलट कहता है, “मैंने ऐसा नहीं किया है।” फ्यूल सप्लाई कटऑफ होने के कारण इंजन एन-1 और एन-2 की रोटेशन स्पीड तेजी से गिरने लगी, जिससे विमान की ऊंचाई कम होने लगी।
इंजनों ने की रिकवरी की कोशिश, पर बहुत देर हो चुकी थी; ‘मेडे’ कॉल के 6 सेकंड बाद हादसा
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि दोनों इंजन बंद होने के दस सेकंड बाद, एक इंजन का फ्यूल कटऑफ स्विच वापस ‘रन’ स्थिति में आ गया, और इसके ठीक चार सेकंड बाद दूसरे इंजन के साथ भी ऐसा ही हुआ।
इस दौरान, इंजन नंबर-1 और 2 दोनों ने रिकवरी करना शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाइट के उड़ान भरने के महज 26 सेकंड बाद पायलटों ने ‘मेडे’ कॉल दी थी, जो गंभीर खतरे की स्थिति में दी जाती है। इस ‘मेडे’ कॉल के सिर्फ 6 सेकंड बाद ही यह दर्दनाक दुर्घटना हो गई। जाँच में यह भी पाया गया कि फ्लाइट के एयर ट्रैक के आसपास पक्षियों की कोई गतिविधि दर्ज नहीं की गई थी, और विमान का टेकऑफ वजन भी अनुमेय सीमा के भीतर था। AAIB इस घटना के सभी पहलुओं की गहन जाँच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

