
परासिया। वेकोलि पेंच क्षेत्र की बी जी साइडिंग में रखे कोयला स्टॉक में बीते दिनों से लगी आग से अब तक सैकड़ो टन कोयला जल कर राख हो रहा है। साइडिंग में हजारों टन कोयला स्टॉक है, लेकिन आज दिनाँक तक देश के औद्योगिक ईकाई के प्रमुख घटक को जलने से बचाने के लिए किसी प्रकार के कोई उपाय नहीं किए जाने से स्टॉक धू धू कर जल रहा है। साइडिंग ईकाई में कार्यरत कामगारों ने बताया कि बीते एक सप्ताह से कोयला स्टॉक में लगी आग की जानकारी स्थानीय प्रबंधक से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को है लेकिन बचाब दल को निर्देश जारी नहीं किए जाने से स्टॉक में लगी आग लगातार बढ़ रही है। मामले में ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि बीते साल पेंच प्रबंधन द्वारा सायडिंग ईकाई में प्रदूषण और कोल डस्ट से बचाब के लिए लाखों रुपए टेंडर किया गया था जिसके तहत साइडिंग के डंपिंग ग्राउंड और वाहनों के आवाजाही वाले क्षेत्र में रैनगन लगाई जाना था, जानकार मानते हैं की लाखों की लागत से किए गए टेंडर प्रक्रिया में शामिल रैन गन का उपयोग करके कोयला स्टॉक में लगी आग पर काबू पाया जा सकता था, लेकिन प्रबंधन कोयला डिसपेज और स्टॉक की गड़बड़ी को छुपाने के लिए कोयला स्टॉक में लगी आग को बुझाने के लिए प्रयास नहीं कर रहे है। मामले को लेकर जब साइडिंग इंचार्ज से पूछा गया तो उनकी जानकारी और भी चौकाने वाली निकली!
उरधन से आ रहा जलता कोयला
वेस्ट्न कोल फील्ड्स लिमिटेड पेंच क्षेत्र की उरधन ओपन कास्ट माइंस में बीते चार महीने पुर्व कोल स्टॉक में लगी आग से हजारों टन कोयला जल कर राख हो गया। स्टॉक में लगी आग से कितना कोयला जल कर खाक हुआ? और खदान से कितना कोयला उत्पादित किया गया? खबर है की मामले की जांच वेकोलि का विजीलेंस विभाग कर रहा है, लेकिन ताजा मामला सामने आया है की उरधन कोयला स्टॉक में जल रहे कोयले को साइडिंग भेजा जा रहा है। मामले को लेकर एरिया कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
