
इंदौर. जनसंख्या नियंत्रण के लिए इस वर्ष परिवार कल्याण कार्यक्रम की थीम “माँ बनने की उम्र वही, जब तन और मन की तैयारी सही” रखी गई है. इसी थीम के तहत शुक्रवार 11 जुलाई से सोमवार 11 अगस्त तक जनसंख्या स्थिरता माह के रूप में विशेष अभियान चलाया जा रहा है.मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने शुक्रवार को जिले में जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की.
इस मौके पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. जीएल सोढ़ी, जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. शरद गुप्ता और जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी डॉ. मनीषा पंडित भी उपस्थित रहे. इस मौके पर आयोजित संगोष्ठी में डॉ. हासानी ने कहा कि आज जनसंख्या स्थिरता सामाजिक और आर्थिक संतुलन के लिए जरूरी हो गई है. भारत में वर्तमान सकल प्रजनन दर 1.9 तक पहुंच चुकी है, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते औसत जीवन प्रत्याशा में भी वृद्धि हुई है. ऐसे में हमें अपने परिवार नियोजन कार्यक्रमों की रणनीति में भी बदलाव करना होगा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी और समुदाय दोनों की भूमिका इसमें अहम है. विवाह की उचित उम्र, दो बच्चों के बीच सही अंतराल और गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता जैसे विषयों पर समाज में निरंतर संवाद होना चाहिए.
जिलेभर में होंगे कार्यक्रम
जनसंख्या स्थिरता माह के अंतर्गत जिले के विकासखंडों और शहरी झोन स्तर पर रैलियां, संगोष्ठियां, सामुदायिक चर्चाएं, सास-बहू सम्मेलन, नारे लेखन, और परामर्श सेवाएं आयोजित की जा रही हैं. विशेष रूप से प्रसव के बाद की गर्भनिरोधक सेवाओं जैसे, अंतरा, छाया पर जोर दिया जा रहा है. लाभार्थियों को बास्केट ऑफ चॉइस के तहत विभिन्न साधनों में से चयन का विकल्प दिया जा रहा है. स्वस्थ समाज की नींव है संतुलित जनसंख्या इसी सोच के साथ जनसंख्या स्थिरता माह में जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया है.
