
जबलपुर। जगत के नाथ भगवान जगन्नाथ स्वामी अपने भाई बलभद्र एवं बहिन देवी सुभद्रा के साथ 12 दिन मौसी के घर विश्राम के बाद पश्चात अपने मंदिर वापस पहुंचे। वात्री साहू समाज जबलपुर द्वारा संचालित श्री जगदीश स्वामी कर्मा माई शंकर भगवान मंदिर ट्रस्ट लॉर्डगंज के तत्वाधान में गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ स्वामी की वापसी रथयात्रा निकाली गई जो बड़ी खेरमाई से प्रारंभ होकर गढ़ाफाटक स्थित साहू धर्मशाला में संपन्न हुई।
साहू समाज के कोठिया श्रीकान्त साहू ने बताया जगन्नाथ पुरी की तरह जबलपुर में भी भगवान जगन्नाथ स्वामी अपने भाई बलभद्र जी और बहिन सुभद्रा जी के साथ अपने धाम से रथ में सवार होकर निकलते है और जिस तरह जगन्नाथ पुरी में भगवान गुंडीचा मंदिर स्थित अपनी मौसी के घर में 12 दिनों तक विश्राम करते है उसी तरह जबलपुर साहू समाज द्वारा निकाली रथयात्रा के बाद भगवान बड़ी खेरमाई स्थित सिंहवाहनी मंदिर को अपनी मौसी का घर मानकर विश्राम करते है, 12 दिनों के बाद गुरु पूर्णिमा के दिवस वापसी रथयात्रा निकाली जाती है।
वात्री साहू समाज द्वारा निकाली जाने वाली रथयात्रा का यह 136 वां वर्ष था, वापसी रथयात्रा बड़ी खेरमाई से प्रारंभ होकर, हनुमानताल, मिलोनीगंज, कोतवाली, सराफा, कमानिया गेट, बड़ा फुहारा, चरहाइ होते हुए साहू धर्मशाला गढ़ाफाटक स्थित अस्थाई मंदिर पहुंची जहां भगवान अपने मंदिर में विराजित हुए।
वापसी रथयात्रा के दौरान भगवान के प्रसाद मीठे चावल का वितरण किया गया। मंदिर पहुंचने पर भक्तो द्वारा भगवान को भोग अर्पित कर आरती की गई। इस अवसर पर वात्री साहू समाज के मुखिया मेहते राजेन्द्र साहू, चौधरी मुकेश साहू, हरीश साहू, राजेश साहू पप्पू, नरेंद्र साहू, राकेश साहू, रवि साहू, सुभाष साहू, विनोद साहू, गुड्डा साहू, मनोज साहू, मनोहर साहू, राजू साहू, सुरेश साहू, श्रीकांत साहू, विशाल साहू, धर्मेंद्र साहू, बृजेश साहू, संजय साहू, रामदीन साहू, जगन्नाथ साहू, मनोज साहू के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु एवं मातृ शक्ति शामिल हुये।
