मैहर :शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर मैहर श्रीमती विदिशा मुखर्जी ने गुरुवार को एकलव्य आवासीय विद्यालय स्थित मां शारदा ऑडिटोरियम में “सभा संवाद” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों से सीधे संवाद कर जमीनी हकीकत जानने और कार्यप्रणाली में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम के प्रथम चरण में मैहर तहसील के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ, एएनएम, आशा-उषा कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर के साथ कलेक्टर ने वन-टू-वन चर्चा की।
कलेक्टर ने एएनसी पंजीयन, प्रथम तिमाही में पंजीयन की स्थिति, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के चिन्हांकन एवं प्रबंधन, एचबीएनसी के तहत गृह भेंट, एनसीडी और टीबी स्क्रीनिंग, टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कर्मचारियों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया। उन्होंने शिशु एवं मातृ-मृत्यु के प्रकरणों में एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं से एक-एक मृत्यु के संबंध में बिन्दुवार जानकारी लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में एक भी मेटरनल डेथ हुई अथवा कोई बच्चा कुपोषित हुआ तो संबंधित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।
उन्होंने कहा कि सीएचओ अपने क्षेत्र में एक्टिव रहे और सतत भ्रमण कर एनीमिया, सिकल सेल और कुपोषण सहित अपने काम पर फोकस करें। इस दौरान कलेक्टर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों की सराहना कर उन्हें प्रोत्साहित किया। वहीं कार्य में रुचि नहीं लेने वाले और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कार्यग्वाही के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखेगा जब फील्ड स्तर पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम में एसडीएम मैहर सुश्री दिव्या पटेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र बंगारे, सीडीपीओ विद्याचरण तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला, बीएमओ डॉ. पियूष पाण्डेय सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
