भोपाल:मध्यप्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार ने किसानों को डीएपी और खाद के लिए तरसा दिया है। जरूरी 6.5 लाख मीट्रिक टन डीएपी में से सिर्फ 4.1 लाख मीट्रिक टन ही उपलब्ध कराई गई। हरदा, नर्मदापुरम, सीहोर जैसे जिलों में किसान घंटों लाइन में खड़े होकर भी खाली हाथ लौट रहे हैं।
सरकारी समितियों में खाद नहीं, पर ब्लैक मार्केट में 2000 रुपए तक की दर पर बेची जा रही है। नकली बीज और अमानक खाद ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दी हैं, पिछले दो महीनों में 1,100 से अधिक शिकायतें आईं। कांग्रेस ने मांग की है कि खाद और बीज की आपूर्ति पारदर्शी हो, नकली उत्पाद बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई और किसानों को तत्काल मुआवज़ा दिया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो गांव-गांव आंदोलन शुरू किया जाएगा
