नयी दिल्ली, (वार्ता) भारतीय महिला फुटबॉल टीम की कप्तान नगांगबाम स्वीटी देवी ने कहा कि एएफसी महिला एशिया कप ऑस्ट्रेलिया 2026 के लिए भारत के ऐतिहासिक क्वालीफिकेशन को चार दिन हो चुके हैं हम आराम के मूड में नहीं है, हमारा विश्वकप खेलने का सपना जिंदा है।
भारतीय महिला फुटबॉल टीम की कप्तान नगांगबाम स्वीटी देवी ने कहा, “यह वाकई राहत देने वाला है। पिछली बार जब भारत ने टूर्नामेंट की मेजबानी की थी, तो हम कोविड के कारण नहीं खेल पाए थे। लेकिन इस बार हमने अपने सभी मैच अच्छे से खेले, हमने हर तरह का प्रयास किया और हम क्वालीफाई कर गए। हमने 23 साल बाद यह कारनामा किया है। विश्व कप का सपना जिंदा है।”
उन्होंने कहा, “सच कहूं तो, इसे बयां करना अभी भी मुश्किल है। कई मिली-जुली भावनाएं थीं। यह वास्तविक नहीं लग रहा था। हम एक-दूसरे को दिलासा देते रहे, ‘हाँ, यह हो गया है, हमने सचमुच कर दिखाया है।’ वह एहसास शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जो कोई भी महिला फुटबॉल का समर्थन करता है या उसका हिस्सा है, वह समझ सकता है कि क्वालीफाई करने का एहसास कैसा होता है। यह बहुत ही जबरदस्त था।”
भारतीय महिला टीम की इस बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि देश में महिला खेल के भविष्य को आकार दे सकती है। महिला एशिया कप, फीफा महिला विश्व कप का रास्ता भी है। यही वजह है कि एशिया कप के लिए पहली बार ‘क्वालीफिकेशन’ के बाद भारतीय टीम आराम करने के मूड में नहीं हैं।
कोच क्रिस्पिन छेत्री ने फुल-टाइम सीटी बजने के बाद लड़कियों को जिम्मेदारी समझाने में जरा भी समय बर्बाद नहीं किया। भावनाओं के उफान, गले मिलने, रोने और आंसुओं के बाद, छेत्री ने सभी को एकत्र किया और कहा, ”हमें एक टीम के रूप में सीखते और आगे बढ़ते रहना होगा। हम एशिया कप में पहुंच गए हैं। हमारा अगला लक्ष्य विश्व कप है। हमें सपने देखते रहना होगा।”
इन सपनों को पहले भी कई झटके लगे हैं। भारत द्वारा आयोजित एएफसी महिला एशिया कप 2022 से कोविड के प्रकोप के कारण हटने जितना दुखद कुछ नहीं था। भारतीय ने केवल एक मैच खेला था, ईरान के साथ 0-0 से ड्रॉ, और सैद्धांतिक रूप से विश्वकप के लिए क्वालीफाई करने से केवल तीन मैच दूर थे, इससे पहले कि उनका सपना टूट गया।
मुझे आज भी उस पल की यादें ताजा हो जाती हैं। संगीता बासफोर ने थाईलैंड के खिलाफ दोनों गोल करने से नौ दिन पहले कहा था, उस पल का पछतावा अभी भी बना हुआ है। इससे भारत को विश्व मंच पर जगह बनाने का एक और मौका मिलेगा। यह दूसरा अवसर है।
थाईलैंड उनसे 24 स्थान ऊपर था। उसने 2014 के एशियाई खेलों में भारत को 10-0 से हराया था। वह पहले ही दो विश्व कप खेल चुका है। यह फुतोशी इकेदा की थाईलैंड थी। वह मास्टरमाइंड जिसने जापान को 2023 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाया। उस समय उन्होंने भले ही विश्व चैंपियन स्पेन को 4-0 से हरा दिया हो, लेकिन पिछले शनिवार को उनकी टीम के पास भारतीय टीम की दहाड़ का कोई जवाब नहीं था।
ऐसे यादगार दिन पर भारत की कप्तानी करना स्वीटी देवी के लिए एक ऐसी याद है जो हमेशा रहेगी, भले ही वह केवल 25 वर्ष की हों, लेकिन उनके नाम 66 मैच दर्ज हैं। छेत्री ने क्वालीफायर के दौरान कप्तानों की अदला-बदली की, मैच के दिन सुबह टीम बैठक के दौरान इसकी घोषणा की और ड्रेसिंग रूम में औपचारिक रूप से कप्तानी सौंपी। स्वीटी मंगोलिया के खिलाफ कप्तान थीं, संगीता को तिमोर-लेस्ते के खिलाफ आर्मबैंड मिला और संजू ने इराक के खिलाफ टीम की अगुवाई की।
कप्तान भले ही बदलते रहें, लेकिन स्वीटी के लिए यह सफलता पूरी टीम की है, केवल मैदान पर मौजूद लोगों की नहीं, बल्कि मैदान के बाहर मौजूद लोगों की भी, जिनमें कोच और सहयोगी स्टाफ भी शामिल हैं। यह सबका इनाम है।
उन्होंने कहा, “कप्तान बनना हमेशा गर्व की बात होती है लेकिन यह पूरी टीम की है। यह सिर्फ मेरी बात नहीं है। मेरे पास सिर्फ आर्मबैंड है और टीम ने मुझे यह जिम्मेदारी दी है। लेकिन योगदान बराबर है। हर खिलाड़ी, हर स्टाफ सदस्य और हर किसी ने इसमें भूमिका निभाई है। इसलिए यह सफलता पूरी टीम और पूरे देश की है।”
29 जुलाई को ड्रॉ निकाले जाने के बाद भारत को एएफसी महिला एशिया कप ऑस्ट्रेलिया 2026 में अपने प्रतिद्वंद्वियों का पता चल जाएगा। बारह टीमों को चार-चार के तीन समूहों में विभाजित किया जाएगा। भारत को पॉट 4 में रखा गया है और पॉट 1 से उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया, जापान या डीपीआर कोरिया, पॉट 2 से चीन, कोरिया गणराज्य या वियतनाम, और पॉट 3 से फिलीपींस, चीनी ताइपे या उज्बेकिस्तान से होगा।
प्रत्येक समूह से शीर्ष दो टीमें और दो सर्वश्रेष्ठ उपविजेता क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करेंगी। चार क्वार्टरफाइनल विजेता टीमें फीफा महिला विश्व कप ब्राजील 2027 के लिए क्वालीफाई करेंगी। हारने वाली क्वार्टर फाइनलिस्ट विश्वकप के लिए एएफसी को आवंटित दो शेष सीधे स्थानों के लिए प्ले-ऑफ में प्रतिस्पर्धा करेंगी। प्ले-ऑफ में हारने वाली दो टीमों के पास अंतर-परिसंघ प्ले-ऑफ के जरिए ब्राजील के लिए क्वालीफाई करने का एक और अवसर होगा।
