
रीवा। रीवा के सिरमौर जनपद पंचायत अध्यक्ष को लेकर उठापटक का खेल लम्बे समय से चल रहा है और अब मामला अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंच गया है. जनपद के 19 सदस्य बुधवार को कलेक्टर के पास पहुंचकर अविश्वास प्रस्ताव के लिये आवेदन पत्र दिया है. साथ ही जनपद अध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप भी लगाए गये है. अविश्वास प्रक्रिया को लेकर 15 जुलाई तक का समय दिया गया है.
जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रवीना साकेत को लेकर जनपद सदस्य बेहद नाराज है और कई तरह के आरोप भी लगाए है. दरअसल यहा लड़ाई दो नेताओं के बीच है. जब अध्यक्ष का निर्वाचन हो रहा था उस समय भी घमाशान की स्थित बनी हुई थी. भाजपा के विधायक और कांग्रेस विधायक ने मिलकर अपने कंडीडेट को अध्यक्ष बनाने के लिये सभी तरह के दांव पेच खेले थे और तनातनी के बीच सिरमौर जनपद अध्यक्ष रवीना साकेत चुनी गई. इस दौरान भाजपा के दो नेता आमने-सामने आ गये थे. अध्यक्ष बनने के बाद से ही गुणा गणित चल रही थी और अब मामला अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंच गया है. 19 सदस्यों ने अविश्वास का आवेदन सौपा है.
तीन महिला दावेदार
सिरमौर जनपद पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए होने वाले अविश्वास प्रस्ताव के बाद अध्यक्षी के लिए तीन दावेदार बताए गए हैं. जिसमें जनपद सदस्य मुन्नी बाई, सावित्री साकेत एवं श्यामकली साकेत हैं. अविश्वास प्रस्ताव अगर पारित हो जाता है तो सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि तीन दावेदारों में से किसे अध्यक्ष की कमान सौंपी जाएगी. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए पर्याप्त सदस्य संख्या होती है या नहीं.
विधायक और पूर्व विधायक का दांव-पेंच
सिरमौर जनपद पंचायत में तख्ता पलट को लेकर दांव-पेंच के साथ अपने-अपने स्तर पर तैयारियां चल रही है. जानकार सूत्रो की माने तो मामला भाजपा संगठन और सत्ता तक पहुंच चुका है. वर्तमान अध्यक्ष रवीना साकेत सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह खेमे की है. अध्यक्ष बनाने में विधायक ने सबसे बड़ा रोल अदा किया था. जबकि सेमरिया के पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी किसी दूसरे को अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते थे. जानकार सूत्र बताते है कि दोनो नेताओं की आपसी खीचतान में यहा तख्ता पलट होने की संभावना है. भाजपा से जुड़े सूत्रो की माने तो पूर्व विधायक के समर्थक अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में है. जबकि मौजूदा विधायक अध्यक्ष को बचाने में हर कोशिश में लगे है. अब देखना यह है कि जीत किसकी होगी. अभी 19 जनपद सदस्यो ने कलेक्टर के पास पहुंचकर आवेदन दिया है. जबकि 20 सदस्य होने चाहिये. नेताओं की तकरार का असर क्या होगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा.
जनपद सदस्यों ने अविश्वास का आवेदन दिया है: कलेक्टर
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि सिरमौर से कुछ जनपद सदस्य अध्यक्ष के अविश्वास का आवेदन लेकर आए थे, उन्हें ले लिया गया है. समय पूरा हुआ है या नहीं, सदस्यों की संख्या क्या है इसकी जांच के बाद मंगलवार तक उनको समय दिया गया है. आगे की प्रक्रिया जांच के बाद शुरू की जाएगी.
