
शाजापुर। नगर में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा. विद्यालयों सहित शिक्षण संस्थानों में गुरु की महिमा का बखान होगा, तो गुरुजनों का सम्मान भी किया जाएगा. इसके अलावा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नगरवासी 999 फीट ऊंची पहाड़ी पर 511 सीढिय़ां चढक़र नगर कोतवाल के दर्शन करने पहुंचेंगे.
गुरुपूर्णिमा पर्व पर दिनभर धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला नगर में आयोजित की जाएगी. बापू की कुटिया पर चल रहे यज्ञ की भी गुरुवार को पूर्णाहूति होगी और प्रसादी वितरण किया जाएगा. इसके अलावा शहर के नित्यानंद आश्रम पर भी गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा, तो नगर स्थित भैरव डूंगरी पर दिनभर लोगों का तांता लगा रहेगा. इसके पूर्व मंदिर के पुजारी द्वारा बाबा भैरव नाथ जी का श्रृंगार कर उनका अभिषेक किया जाएगा. इसके बाद दिनभर लोग दर्शन हेतु बाबा भैरव नाथ के दरबार पहुंचेेंगे. वहीं शाम को महाआरती भी होगी.
नगर में नहीं आता कोई संकट
गुरु पूर्णिमा पर्व का शहरवासियों के लिए बहुत महत्व रहता है. खासकर भैरव डूूंगरी के प्रति लोगों की अटूट आस्था है. मान्यता है कि जब से यहां भैरव महाराज की स्थापना हुई है, तभी से नगर में कोई संकट नहीं आया, जिसके चलते उन्हें नगर कोतवाल भी कहा जाता है, जो नगर के मुहाने पर स्थित डूंगरी पर मौजूद रहकर शहर की सुरक्षा करते हैं. यही वजह है कि हर साल यहां लोगों का सैलाब उमड़ता है, जो बाबा भैरव नाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
भक्तों की सुविधा के लिए लगाई रेलिंग…
भैरव डूंगरी की ऊंचाई काफी होने के कारण हर साल यहां भक्तों को चढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता था. इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग ने 16 लाख रुपए की लागत से सीढिय़ों के दोनों ओर रेलिंग लगवाई है. डूंगरी के आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई भी कराई गई है. मंदिर के पुजारी गोकुल नाथ के अनुसार महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. सुबह 6 बजे और शाम 6 बजे महाआरती होगी. इसके अलावा डूंगरी के नीचे मेले का भी आयोजन किया जाएगा. नगर पालिका ने मेले में पानी, बिजली और रोशनी की व्यवस्था की है. मेले में करीब 50 दुकानें और झूले लगेंगे. यातायात पुलिस ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की है.
