(उमाकांत शर्मा)
बैतूल। जिले के अंदर अवैध शराब पुलिस और आबकारी से आउट ऑफ़ कंट्रोल हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों मे बिक रहीं अवैध शराब इसका सबसे मजबूत सबूत है। अब भी अगर पुलिस,आबकारी और उनके स्टाप पर आप विश्वास कर यह उम्मीद करते है की वह अवैध शराब बेचने वालो अथवा अवैध परिवहन करने वालो को पकड़ कर कार्यवाही करेंगे तों यह संभव होता नहीं दिख रहा. अगर यह विभाग जिम्मेदारी से काम करते तो इसका अवैध रूप से बिकना कब का बंद हो गया होता। यदि अपने पेशे के प्रति जरा भी गर्व हो तो अवैध शराब बेचने वाले,ढाबो, अवैध परिवहन कर्ताओं, गाड़ियों पर,और जिस लायसेंस दुकान से ब्लेक किया जा रहा है उस दुकान व लायसेंसी पर भी कार्यवाही होनी चाहिए. क्योकि नीलामी दुकान की होती है पूरे क्षेत्र की नहीं. दुकान के बाहर से ठेकेदार एक बॉटल भी शराब नहीं बेच सकते पर पुलिस और आबकारी की मिली भगत से गांव गांव बेच रहें है. बकायदा सेंटर चालू है आम जनता का कहना है की यदि अवैध शराब गाड़िया परिवहन करते दिखें तो उसे सामने से पुलिस के हवाले कर सामने से मामला दर्ज करवाएंगे .कोई अवैध शराब बेच रहा है तो उसकी सूचना लगातार पुलिस को दीजिये लगातार दीजिये दिन मे 100 बार भी देना पड़े तो दीजिये. न सुने तो cm हेल्पलाइन लगाइये. फोटो वीडियो बना कर सोशल मिडिया पर शेयर कीजिये.
