
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर के मंदिर में सावन माह की तैयारी प्रारंभ हो गई है। ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं का प्रवेश दो माह से प्रतिबंधित किया गया है। जिसका बड़ा कारण है कि यहां पर फ्लोरिंग का निर्माण कार्य विकास प्राधिकरण द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। जिसे 10 जुलाई तक खत्म कर लिया जाएगा।
नवभारत से चर्चा में उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि अलग-अलग प्रकार की टाइल्स और पत्थर लगाए जा रहे हैं टिकाऊ, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जा रहा है। कोटा स्टोन से लेकर साउथ मार्बल व्हाइट मार्बल अन्य विभिन्न प्रकार के पत्थर ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में लगाए जा रहे हैं।
महाकाल के ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में कई सारे अन्य मंदिर भी है। जिसमें नवग्रह मंदिर सिद्धिविनायक गणेश मंदिर, साक्षी गोपाल, हनुमान मंदिर, जल स्तंभ पर यहां दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश दो माह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। निर्माण कार्य किए जाने की वजह से श्रद्धालु अभी यहां प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। 10 जुलाई को जब विकास प्राधिकरण द्वारा निर्माण कार्य समाप्त कर दिया जाएगा और 11 जुलाई से सावान प्रारंभ होगा ऐसे में यहां पर श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रारंभ कर दिया जाएगा।
कलेक्टर बोले 10 जुलाई तक खत्म करो काम
उज्जैन कलेक्टर और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह रविवार को भी महाकाल मंदिर पहुंचे। यहां पर उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों का जायजा लिया। कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी विकास प्राधिकरण से लेकर कंपनी को 10 जुलाई तक निर्माण कार्य खत्म करने के लिए निर्देश दिए हैं। बाबा महाकाल की सवारी 14 जुलाई को निकलेगी उसके पहले यहां पर समस्त व्यवस्थाएं की जाना है। इधर पुष्प दीप कंपनी द्वारा विकास प्राधिकरण से काम लेकर महाकाल मंदिर के ओंकारेश्वर परिसर में पत्थर टाइल्स, मार्बल, नालियों पर जालियां आदि लगाने का कार्य किया जा रहा है, नवभारत से चर्चा में कंपनी के सुपरवाइजर ने कहा कि 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। 10 प्रतिशत कार्य बचा है उसके बाद फिनिशिंग वर्क कर दिया जाएगा, 10 जुलाई तक यह पूरा काम खत्म हो जाएगा। यूडीए के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि महाकाल मंदिर परिसर में मुख्य द्वार पर जहां चढ़ाव बना हुआ है। वहां से लगाकर पालकी मार्ग तक इतना मजबूत कार्य किया गया है कि यहां पर जेसीबी डंपर आदि चल रहे हैं। भविष्य में जब इस पाथवे पर कोई अन्य भारी वाहन निर्माण कार्य के चलते निकलेंगे तो पत्थर, ल टाइल्स, मार्बल, कोटा स्टोन खराब नहीं होगा।
