
नयी दिल्ली,02 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तीन और चार जुलाई को जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा प्रदेश में स्थायी कृषि, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास को गति देने के साथ शैक्षणिक प्रोत्साहन पर केंद्रित होगा।
श्री चौहान उच्चस्तरीय बैठकों के अलावा शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और किसानों के साथ संवाद में भाग लेंगे। कृषि मंत्री का दौरा स्थायी कृषि, प्राकृतिक खेती, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस दौरान श्री चौहान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे।
मंत्रालय कि ओर से जारी विक्षिप्त के अनुसार यात्रा के पहले दिन गुरुवार को श्री चौहान श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। वह दोपहर में प्राकृतिक खेती और राष्ट्रीय तिलहन मिशन पर आयोजित परामर्शदात्री समिति की बैठक में शामिल होंगे। श्री चौहान देर शाम राजभवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से शिष्टाचार भेंट करेंगे।
दौरे के दूसरे दिन यानी शुक्रवार श्री सिंह शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय श्रीनगर के छठे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इस समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई अन्य लोग भी शामिल होंगे। समारोह में 5250 स्नातक, परास्नातक और पीएचडी के विद्यार्थियों को डिग्री और 150 स्वर्ण पदक और 445 मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किया जायेगा।
दीक्षांत समारोह के बाद कृषि मंत्री परिसर में मौजूद केसर और सेब के बागानों का निरीक्षण करेंगे। वह बागवानी वैज्ञानिकों और किसानों से संवाद करके उनकी समस्याएं और अनुभव जानेंगे। इसके बाद उनका ‘लखपति दीदियों’ के साथ खोनमोह गांव में बातचीत का कार्यक्रम तय किया गया है।
श्री चौहान का यह दौरा कृषि क्षेत्र मे विकास के लिये अति महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं।
