भोपाल। गैस त्रासदी से जुड़ा 337 टन जहरीला कचरा अब पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। यह कचरा पीथमपुर स्थित रामकी ग्रुप के औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र में धीरे-धीरे जलाया गया। यह प्रक्रिया राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्त निगरानी में पूरी की गई। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस जहरीले कचरे के निपटान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए इसे जलाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद अब तक कचरे का निस्तारण क्यों नहीं किया गया।
इसके बाद 1 जनवरी 2025 को इस खतरनाक कचरे को भारी सुरक्षा के बीच भोपाल से पीथमपुर भेजा गया था। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत योजना के अनुसार इसे 185 से 377 दिनों में नष्ट किया जाना था। अब, पर्यावरण के लिए लंबे समय से बनी इस गंभीर चिंता का समाधान हो चुका है।
