चार्जशीट पेश होने के बावजूद नहीं मिली जमानत: गौ हत्या के आरोपी जेल में ही रहेंगे

दमोह. क्रूरतापूर्वक गौ हत्या व उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के गंभीर मामले में अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गुप्ता ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है.मामले में शासन की ओर से पैरवी शासकीय अभिभाषक राजीव बद्री सिंह ठाकुर द्वारा की गई. प्रकरण के अनुसार, 7 मार्च को थाना प्रभारी कोतवाली के निरीक्षण दौरान सीताबावली मरघटा के पास पहुंचने पर वहां मौजूद तुलसीराम और छुट्टू यादव से सूचना प्राप्त हुई कि कल्लू कुरैशी के घर पर गाय काटी जा रही है.पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचने पर दरवाजा खुला मिला, भीतर प्रवेश करने पर दरवाजे के सामने कटी हुई गर्भवती गाय तथा कमरे में कटे हुए पैर और पास ही लोहे की कुल्हाड़ी, चाकू व आरी खून से सने हालत में मिले.मौके से कल्लू कुरैशी, रेखा कुरैशी, समीर उर्फ मिट्ठू, शादाब, नवाजिश, तथा एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.इस दौरान तीन माह की अवधि में पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी. इसके बाद आरोपियों रेखा कुरैशी, समीर उर्फ मिट्ठू कुरैशी और एक नाबालिग की ओर से, चार्जशीट पेश हो जाने व साढ़े तीन माह से अधिक समय से जेल में होने का आधार बनाकर जमानत याचिका प्रस्तुत की गई.शासकीय अभिभाषक राजीव बद्री सिंह ठाकुर द्वारा याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया गया कि आरोपियों की घटना में संलिप्तता, अपराध की प्रकृति व इससे समाज में उत्पन्न वैमनस्यता अत्यंत गंभीर है.न्यायालय ने इन तथ्यों से सहमत होते हुए कहा कि यह अपराध न केवल विधि के विरुद्ध है, बल्कि सामाजिक सौहार्द्र को भी चोट पहुंचाता है, अतः इस स्थिति में आरोपियों को जमानत का लाभ दिया जाना उचित नहीं होगा.

Next Post

पटवारी पर दर्ज FIR वापसी की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन

Mon Jun 30 , 2025
बैतूल।कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ बैतूल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आदिवासी कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित जीवन सत्याग्रह रैली में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और एफआईआर को निरस्त करने की मांग की। […]

You May Like