नयी दिल्ली 28 जून (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को यहां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की बैठक में नयी पहलों और योजनाओं की समीक्षा करेंगे।
सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस बैठक में सहकारिता मंत्रियों के साथ-साथ सहकारिता विभागों के सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव भाग लेंगे। बैठक में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए योजनाओं की समीक्षा के साथ- साथ विचारों के आदान-प्रदान और भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जायेगी।
मंत्रालय ने शनिवार को एक वक्तव्य जारी कर बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारिता मंत्रालय की अब तक की पहलों और योजनाओं की समग्र समीक्षा , प्रगति का मूल्यांकन , और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से अनुभवों, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और रचनात्मक सुझावों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना है। यह मंथन बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए साझा समझ और समन्वित रणनीति विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी।
बैठक में दो लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में सहकारी क्षेत्र में ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना’ पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और किसानों को सशक्त बनाना है। इसके साथ ही ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान और ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के अंतर्गत राज्यों की प्रगति और सहभागिता पर चर्चा होगी।
तीन नई बहु-राज्यीय राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल), राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड में राज्यों की भागीदारी की भी समीक्षा की जाएगी। श्वेत क्रांति 2.0 और भारत के डेयरी क्षेत्र में ‘सर्कुलरिटी एवं सस्टेनेबिलिटी’ की अवधारणाओं को अपनाने तथा आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत दलहन तथा मक्का उत्पादक किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर चर्चा होगी। पैक्स कंप्यूटरीकरण और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार के कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण जैसे डिजिटल परिवर्तन संबंधी पहलों की भी समीक्षा की जाएगी।
