
गुना। बाल्मीकि समाज के हक और अधिकारों को लेकर नवलोक गार्डन गुना में आयोजित विशाल सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिरकत कर समाज को भरोसा दिलाया कि वे केवल मंचीय आश्वासन नहीं, बल्कि दिल से समाज के साथ हैं। उन्होंने कहा – “मैं सरदार नहीं, आपके परिवार का सदस्य हूं। मैं सारे सरदारों को छोड़कर भाजपा में आया हूं, ताकि सेवा कर सकूं।” उन्होंने कहा कि यह कुर्सी हमारे लिए सेवा का माध्यम है, जिसका लक्ष्य है, गरीबों, किसानों और हर जरूरतमंद तक पहुंचना।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने समाज की विभिन्न मांगों पर चर्चा की और उनका निराकरण कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में ‘फिट’ होने नहीं आए हैं, बल्कि वह सिस्टम को बदलने का माद्दा रखते हैं। अपने उद्बोधन में उन्होंने महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का उल्लेख करते हुए बाल्मीकि समाज के ऐतिहासिक योगदान को नमन किया और कहा कि भाजपा की सोच केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और समाजोन्मुखी है। रामराज्य की पुनर्प्रतिष्ठा का समय आ गया है और भारत आज “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।
सम्मेलन में आयोजक सुनील मालवीय ने समाज की प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि सफाई कामगारों को स्थायी नियुक्ति दी जाए, संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए और नगर पालिका गुना में 200 सफाई श्रमिकों की भर्ती की जाए। उनके इस आग्रह पर मंच से ही प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने समाज को आश्वस्त किया कि वे इन मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाएंगे और जल्द निराकरण कराएंगे। मंत्री राजपूत ने सुनील मालवीय की 30-35 वर्षों की समाज सेवा की सराहना करते हुए कहा कि समाज की बात को इतनी मजबूती से रखने वाला व्यक्ति दुर्लभ है।
