बुधनी. नगर में स्थित शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल में जहां दसवीं कक्षा में पढऩे वाली एक दलित छात्रा को फीस नहीं भर पाने के कारण परीक्षा से वंचित कर दिया गया. यह संस्था शाह सतनाम जी यानी बाबा राम रहीम से सम्बद्ध है. हाल ही में घटित मामला कुछ इस प्रकार बताया जाता है कि ग्राम जोशीपुर निवासी नरेंद्र चौधरी की दो बेटियां पहली हर्षिता चौधरी जो 11 वीं कक्षा में अध्यनरत थी दूसरी देव शिखा चौधरी जिसने दसवीं कक्षा की परीक्षा दी. दोनों बच्चियां नर्सरी क्लास से ही संस्था में अध्यनरत हैं.
स्कूल प्रबंधन द्वारा पूर्व में माता-पिता को स्कूल बुलाया गया. जहां उन्हें बताया कि आपने फीस जमा नहीं की है और प्राचार्या अमनदीप कौर द्वारा बुरा भला कहा गया. माता-पिता द्वारा जल्द ही फीस जमा करवाने की बात कही गई. लेकिन प्रबंधन ने उनसे एक शपथ पत्र लिया जिसमें यह लिखवाया गया कि 30 जून तक हम दोनों बच्चियों की कुल मिलाकर 82 हजार 800 रुपए की फीस जमा करवा देंगे. इसके बाद 8 मार्च को स्कूल प्रबंधन ने फिर उन्हें बुलाया जिस पर बच्ची की मां प्रभा चौधरी स्कूल पहुंची जहां स्कूल की प्राचार्या ने उनसे कहा कि देवशिखा दसवीं कक्षा की परीक्षा में नहीं बैठ पाएगी. तुम्हें जहां शिकायत करना है कर दो. उसके बाद पिता नरेंद्र चौधरी ने बीईओ को मामले की सूचना दी इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने उनसे फोन पर संपर्क किया और 30 जून तक फीस जमा करने की बात कही. इतना बेइज्जत होने के बाद बच्चियां परीक्षा देने तैयार नहीं थीं परंतु माता-पिता के समझाने के बाद दोनों बच्चियों ने परीक्षा दी. मानसिक दबाव के चलते दसवीं कक्षा की छात्रा देव शिखा को गणित विषय में सप्लीमेंट्री आ गई. इसे लेकर बच्ची के पिता परीक्षा फॉर्म भरने के लिए स्कूल पहुंचे, लेकिन प्रबंधन ने उन्हें हर बार अगले दिन आने का कहकर वापस भेज दिया. बाद में स्कूल प्रबंधन ने फिर से फीस जमा करने की बात कही और उन्हें परीक्षा फॉर्म नहीं भरने दिया गया. बच्ची के पिता नरेंद्र चौधरी ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को मामले से अवगत कराया है. जब इस विषय में स्कूल की प्राचार्या अमनदीप कौर से स्कूल पहुंच कर बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने मिलने से मना कर दिया. मामले में विकासखंड शिक्षा आधिकारी शशि सिंह ने बताया कि छात्रा को परीक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता. स्कूल प्रबंधन से इस मामले में पूछा जाएगा.
