इंदौर: शहर में बीआरटीएस और यातायात के लिए अतिक्रमण हटाने को हाईकोर्ट ने कलेक्टर और निगम आयुक्त को निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने कलेक्टर को प्रोटोकाल नियम भी प्रस्तुत करने का कहा है.हाईकोर्ट में आज जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक कुमार अवस्थी की डबल बेंच में यातायात, बीआरटीएस हटाने, अतिक्रमणों एवं वीआईपी मूवमेंट प्रोटोकॉल के संबंध में सुनवाई हुई.
वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया के याचिका पर हाईकोर्ट ने बीआरटीएस बस स्टॉपों को हटाने की प्रगति, अवैध अतिक्रमण, अवैध धार्मिक संरचनाएँ, यातायात जाम की समस्या तथा तथाकथित वीआईपी मूवमेंट के लिए मनमाने ढंग से लागू किए जाने वाले शून्य-यातायात (ज़ीरो ट्रैफिक) प्रोटोकॉल जैसे विषय पर सुनवाई की. कलेक्टर और निगम आयुक्त को मुख्य मार्गों पर रेहड़ी पटरी वालों का अवैध अतिक्रमण और धार्मिक स्थलों को हटाने के निर्देश दिए. नगर निगम ने सुनवाई में बताया कि बीआरटीएस से 3 बस स्टॉप हटा दिए है और पूरे हटाने 40 दिन का समय लगेगा.
क्षेत्रवार कार्रवाई करें
हाईकोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे ऐसे सभी गणमान्य व्यक्तियों की सूची प्रस्तुत करें, जो वास्तव में ऐसे प्रोटोकॉल के विधिसम्मत अधिकारी हैं. साथ ही यह भी कहा कि जो व्यक्ति उक्त श्रेणी में नहीं आते, उन्हें ऐसी शून्य-यातायात सुविधा प्रदान नहीं की जानी चाहिए. हाईकोर्ट ने कलेक्टर एवं निगम आयुक्त को विभिन्न यातायात संबंधी मुद्दों पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रवार (ज़ोनल) कार्रवाई करने के आदेश दिए.
